ये है दुनिया की पहली घड़ी, कहानी जानकर चौंक जाएंगे आप!

आज से हज़ारों साल पहले जब सभ्यताओं का विकास नहीं हुआ था उस समय लोग समय का या दिन बीतने का अनुमान कैसे लगाते रहे होंगे ये सवाल हर किसी के ज़हन में आ सकता है। पर जब दुनिया की पहली घड़ी का नाम लिया जाता है तो लोग पीटर हेनलेन को ही घड़ी का निर्माता समझते हैं। पर उनकी एक और घड़ी मिली है, जिसका नाम पोमैंडर घड़ी है और उसे दुनिया की पहली घड़ी के तौर पर मान्यता मिल रही है।


घड़ियों पर चल रही बहस के बीच दुनिया की सबसे पुरानी घड़ियों का मूल्यांकन कर रही कमेटी ने जर्मन के न्यूरेमबर्ग में कहा कि सेब के आकार की पोमैंडर घड़ी दुनिया की सबसे पुरानी घड़ी है। इस कमेटी में हरमैन ग्राएब, डॉ पीटर मिलिकिसिन जैसै विशेषज्ञ रहे। पोमैंडर घड़ी को अब आधिकारिक तौर पर सबसे पुरानी घड़ी होने का तमगा मिल रहा है। आगे जैनें कि किस तरह से पोमैंडर घड़ी दुनिया केसामने आई।

Loading...

घड़ी बनाने वाले एक युवक ने लंदन के कबाड़ी मार्केट से एक बॉक्स खरीता था, जिसमें कई धातुओं के टुकड़े थे तो घड़ियों के पार्ट्स भी। उसने ये बॉक्स महज 10 पॉउंड में साल 1987 में खरीदा था। और इसी में ये घड़ी मिली। उसने ये घड़ी 2002 में बेच दी। जिसके अगने मालिक ने भी उसे बेच दी पर अगले मालिक ने रिसर्च के लिए रख ली। और अब ये बेशकीमती घड़ी के तौर पर अपमी पहचान बना चुका है।

ये घड़ी सोने और कॉपर की बनी है। इस घड़ी में एम, डी, वी,पी, एच, और एन लिखा है। ये घड़ी साल 1505 में बनी थी। पीटर हैनलैन का जन्म 1480 से 1485 के बीच न्यूरमबैर्ग में हुआ था। ये घड़ी उनकी अपनी पर्सनल घड़ी मानी जा रही है।


इस घड़ी में पी.एच. को सामान्य तरीक से नहीं देख सकते, इसके लिए सूक्ष्मदर्शी की जरूरत पड़ती है। ये घड़ी इस समय की है, उस समय अलब्रेट ड्यूरर भी न्यूरेमबर्ग में रहते थे। मौजूदा समय में ये घड़ी 30 से 50 मिलियन यूरो की कीमत की हो सकती है। बहरहाल, अब भी इस बात पर वैज्ञानिक एकमत नहीं हो पाए है कि पोमैंडर घड़ी का असली निर्माता कौन था। पर अधिकाशं हैनलैन को ही इसका निर्माता मान रहे हैं।

YOU MAY LIKE
Loading...