अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के बारे में ऐसे 18 रोचक तथ्य जो आप नही जानते होंगे

भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेश है। यह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण में हिन्द महासागर में स्थित है। अंडमान एवं निकोबार लगभग 300 छोटे बड़े द्वीपों का समूह है, जिसमें कुछ ही द्वीपों पर आबादी है |अंडमान मलयालम भाषा के हांदुमन शब्द से आया है जो हिन्दुओं के भगवान हनुमान शब्द का परिवर्तित रूप है। निकोबार शब्द भी इसी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ होता है- नग्न लोगों की भूमि। बंगाल की खाड़ी में बसा निर्मल और शांत अंडमान पर्यटकों के मन को असीम आनंद की अनुभूति कराता है। यह भारत का एक लोकप्रिय द्वीप समूह है। यहां हर साल लाखों टूरिस्ट छुट्टियां मनाने आते हैं। लेकिन इस द्वीप के कई ऐसे फैक्ट्स हैं, जिनके बारे में आप शायद नहीं जानते होंगे। आज हम आपको अंडमान निकोबार के कुछ ऐसे ही तथ्यों बताने जा रहे है |

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Fact 1~ यहां रहने वाले मूल जनजाति बाहर से आने वाले लोगों के साथ घुलते-मिलते नहीं हैं। यहां के निवासी मुख्यतः ‘जार्वा’ जनजाति से हैं। यह 500 से भी कम की संख्या में हैं |

Fact 2~ 20 के नोट पर जंगल वाल हिस्सा अंडमान द्वीप का ही है।

Fact 3~ वैश्विक स्तर पर आइलैंड बेहद चर्चित है लेकिन आज भी इसकी कई ऐसी जगहें हैं जहां इंसान पहुंच ही नहीं सका है। इसके कुल 572 आइलैंड्स में से 36 ही जाने या बसने लायक है। निकोबार में जाने के लिए सिर्फ रिसर्च या सर्वे के लिए ही चुनिंदा लोगों को इजाजत मिलती है।

Fact 4~ यहां पर सबसे ज्यादा समुद्री कछुआ पाया जाता है। धरती का सबसे बड़ा कछुआ यहीं पर अपना ठिकाना बनाता है। इस कछुए का नाम Dermocheleys Coriacea है। यह साइज में बेहद बड़े होते हैं और हर साल अंडमान पहुंचते हैं। धरती का सबसे छोटा कछुआ ओलिव राइडली भी अंडमान पहुंचकर आसरा बनाता है।

Fact 5~ यहां पर पर सबसे ज्यादा बंगाली भाषा बोली जाती है। इसके अलावा हिन्दी, तमिल, तेलगू और मलयालम भाषा बोलने वाले लोग हैं।

Fact 6~अंडमान के आइलैंड्स पर सदी के पहले सूर्योदय की पहली किरण पड़ी थी। ऐसा सौभाग्य कैचल आइलैंड को मिला था।

Fact 7~ अंडमान आइलैंड का 90 फीसदी इलाका सघन जंगली है। यह भारत के किसी भी राज्य से ज्यादा है |

Fact 8~ अंडमान में बटरफ्लाई आपको खूब दिखेंगी। अंडमान तितलियों के लिए ‘हैप्पी आईलैंड’ है। आसपास के उष्णकटिबंधीय आइलैंड से ढेरों तितलियां यहां पहुंचती हैं।

Fact 9~अंडमान में कोकोनट क्रैब बहुत ज्यादा पाए जाते हैं। ये जमीन पर पाए जाने वाले सबसे विशाल क्रेब होते है जिनकी लंबाई 1 मीटर तक हो सकती है। इनका पसंदीदा आहार कोकोनेट होता है यह अपने मुंह से नारियल के मजबूत खोल को भी तोड़ देते है।

Fact 10~ अंडमान में कमर्शियल फिशिंग बैन है। यह धरती की उन चुनिंदा जगहों में से हैं जहां मछलियों को उम्र पूरी कर मरने का अवसर मिलता है और वह अपनी जिंदगी जीती है।

Fact 11~ अंडमान का स्टेट एनिमल है डुगोंग। यह एक समुद्री जीव है और अपने जोड़े संग बेहद शर्मीला रहता है।

Fact 12~ इंडिया में केवल अंडमान में ही आपको वाल्कोनो देखने को मिलेगा। भारत में एक ही सक्रिय ज्वालामुखी है, और ये अंडमान में ही है। ये आइलैंड पोर्ट ब्लेयर से 135 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां जाकर आप इस ज्वालामुखी को देख सकते हैं।

Fact 13~पहला यूरोपीय जिसने अंडमान में अपनी कॉलोनी बनाई वह डेनिश (डेनमार्क का निवासी) था। यह 1755 में अंडमान पहुंचा था। अंग्रेज पहली बार 1789 में अंडमान पहुंचे थे, वह भी चंथम आइलैंड पर। अंग्रेजों ने यहां अपनी कॉलोनी और नेवल मिलिट्री बेस बनाया।

Fact 14~ सुभाष चंद्र बोस ने अपनी ‘आजाद हिंद फौज’ को जापानी मदद से और मजबूत किया। यह द्वितीय विश्व युद्ध का ही दौर था। बोस ने उत्तर और दक्षिणी आइलैंड को शहीद द्वीप और स्वराज द्वीप नाम दिया था।

Fact 15~द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंडमान और निकोबार एकमात्र भारत का ऐसा भूमिक्षेत्र था जिसपर जापान ने कब्जा जमाया था। जापान ने भारत के उत्तर पूर्व के कुछ हिस्सों को भी कब्जे में लिया था लेकिन सिर्फ 6 महीने के लिए। इस आइलैंड पर 3 साल तक जापान का कब्जा रहा था।

Fact 16~अंग्रेजी शासन में अंडमान का नाम ‘काला पानी’ की सजा के लिए चर्चित था। यहां की सेल्युलर जेल आज भी स्वाधीनता संग्राम के नायकों की कहानी कहती है। हालांकि इस जेल को अब राष्ट्रीय स्मारक में बदल दिया गया है।

Fact 17~अंडमान के दो आइलैंड्स का नाम ईस्ट इंडिया कंपनी के दो ऑफिसर्स के नाम पर रखा गया है। ये आइलैंड हैं- हेवलॉक और नील आइलैंड।

Fact 18~भारत से ज्यादा अंडमान इंडोनेशिया और बर्मा के नजदीक है। अंडमान की इंडोनेशिया से दूरी 150 किलोमीटर है जबकि भारत की सीमा इससे 800 किलोमीटर दूर है।

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