जापान के इस रहस्यमयी द्वीप की आबादी है महज़ एक व्यक्ति, जानकर हैरान हो जायेंगे आप

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शिन्तो का अर्थ होता है ‘कमियो का मार्ग’ | यह धर्म जापान के मुख्य धर्मों में से एक है। इसमें जो भी देवी-देवता हैं, उनको कामी कहा जाता है। हर कामी देवी-देवता किसी न किसी प्राकृतिक शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। 8वीं शताब्दी से चले आ रहे इस धर्म के सबसे ज़्यादा अनुयायी जापान में ही हैं | यह बौद्ध धर्म के साथ काफ़ी मेल खाता है और इसमें बौद्ध धर्म के कई सिद्धान्त जुड़ गये हैं। एक ज़माने में शिन्तो धर्म जापान का राजधर्म हुआ करता था। जापान के Okinoshima द्वीप पर इस धर्म का ‘Okitsu Shrine’नाम का एक मंदिर स्थित है| बीते दिनों इस द्वीप को UNESCO द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित कर दिया गया | इस धर्म और मंदिर से जुडी कई रोचक बाते है जिन्होंने आज कितने ही लोगो को सोच में डाल रखा है आईये जानते है इसके बारे में…..

1. इस द्वीप की आबादी महज़ एक व्यक्ति है, इस द्वीप पर सिर्फ़ एक पुजारी ही रहता है, जो Okitsu Shrine मंदिर की देख-रेख करता है|

2.इस मंदिर को 17वीं शताब्दी में नाविकों की सुरक्षा की प्रार्थना के लिए बनाया गया था|

3. Japan Times की रिपोर्ट के अुनसार, मंदिर के बनने से पहले Okinoshima में समुद्री व्यापार में इस्तेमाल हुए जहाज़ों की सलामती के लिए पूजा होती थी| ये व्यापार कोरिया और चीन के लोगों के बीच होता था|

4.इस द्वीप पर साल में सिर्फ़ 200 पर्यटक ही जा सकते हैं, वो भी सिर्फ़ साल के एक ही दिन, जो है 27 मई|

5. यहां पर आज भी सदियों पुराने रीति-रिवाज़ माने जाते हैं

6. इस मंदिर या द्वीप पर कोई भी महिला नहीं जा सकती||

7. ये मंदिर एक राज़ है क्यों​कि यहां के नियम अनुसार, कोई न यहां की तस्वीरें ले सकता है, न ही इस मंदिर का ज़िक्र बाहरी दुनिया के सामने कर सकता है|

8.पर्यटक यहां से कोई भी चीज़, ले कर नहीं जा सकते|

9.यहां जो भी पुरुष आते हैं, वो अपने पूरे कपड़े उतार कर, शरीर का शुद्धिकरण करते हैं, फिर मंदिर में प्रवेश करते हैं|

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