वैज्ञानिक भी नही खोज पाए है इन 10 रहस्यों का जवाब , जानकर हैरान हो जायेंगे आप …

हमारी सुन्दर और विराट दुनिया परमपिता परमेश्वर ने इतनी अद्भुत और रहस्यमय बनायीं है जिसे जान पाना पूर्णत संभव नही है | हालाँकि कुछ रहस्य तो वैज्ञानिक खोज चुके है परन्तु बहुत से ऐसे रहस्य भी है जिन्हें वैज्ञानिक भी नही खोज पाए है ऐसे ही रहस्यमयी चीजो के बारे में हम आपको बताने जा रहे है जिन्हें वैज्ञानिक भी नही खोज पाए है …….

1- पृथ्‍वी पर रहते हुए भले इन्सान को हजारों वर्ष हो चुके हो परन्तु वैज्ञानिक आज तक ये पता नही लगा पाए है की ‘क्या पृथ्वी के अलावा भी कहीं पर जीवन है’? अगर है तो क्‍या वो भी मनुष्‍य जितने ही बुद्धिमान है? वैज्ञानिक आज तक इसका उत्‍तर नहीं दे पाये हैं।

2- क्या जैविक फाउंडेशन हमारे विवेक पर आधारित है। हमारे दिमाग में जो कुछ भी होता है वह मस्तिष्क प्रक्रियाओं का परिणाम होता है। वैज्ञानिक इस सवाल का भी जबाव नहीं दे पाये हैं।

Female head and nerve cells, artwork

 

3-स्‍टोनहेज जो कि इंग्‍लैंड में बने हुये हैं उन्‍हें किस ने और कब और किस लिए बनाया इसका जबाव आज तक वैज्ञानिक ढूंढ ही रहे हैं।

 

4- ब्रम्‍हांड का निर्माण किस तत्‍व से हुआ है। वैज्ञानिक आज भी उसत तत्‍व की तलाश कर रहे हैं जिससे यूनीवर्स की रचना हुई है।

 

5- ब्‍लैक होल किस से बने होते हैं। वैज्ञानिक आज भी उस तत्‍व की तलाश कर रहे हैं जिससे ब्‍लैक होल का निर्माण हुआ है।

6- चिली के ईस्‍टर आईसलैंड पर बने स्‍टेच्‍यू जो कि मनुष्‍य के शेप में है। इनकी ऊंचाई 8 से 30 फीट की है। इनका निर्माण किसने और क्यों करवाया?

7- बरमूडा ट्रेंगल फ्लोरिडा, प्‍यूत्रो रिको और बरमूडा के बीच की जगह है,जिसे बरमूडा ट्रेंगल कहा जाता है। कहते हैं यहां से कोई भी चीज लौट कर नहीं आती है। वैज्ञानिक आज भी इसका सच नहीं जान पाये हैं।

 

8- फ्रांस में 1679 में एक युवक को लोहे का मास्‍क पहना कर जेल में डाल दिया गया था। आज भी इस राज से पर्दा नहीं उठा है कि उस मास्‍क के पीछे कौन था।

 

9- कोलोराडो में 1820 में कुछ कोड्स पाये गये थे। इन्‍हें थॉमस जेफर्सन बेले ने ढूंढा था। इन कोड्स में क्‍या छिपा हुआ है वैज्ञानिक आज भी इस बात को नहीं समझ पाये हैं।

 

10– रोन्गोरोन्गो एक ऐसी पहेली है जिसे आज भी वैज्ञानिक नहीं समझ पाये हैं। माना जाता है कि ये ईस्‍टर आइसलैंड पर उसी दौरान बने थे जब वहां सभ्‍यता की शुरुआत हुई थी। इसे किसने और क्‍यों बनाया अभी तक पता नहीं चला है।