भारत की ये 15 गुफाएं जो बनाई गयी पहाड़ों को काट कर , जानिए इनका इतिहास

प्राकृतिक रूप से मौजूद ठोस पत्थरों को काट-छांट कर कोई आकार देना Rock-Cut Architecture कहलाता है. लेकिन मूर्ति बनाना इसमें नहीं आता, क्योंकि Architecture में वैसी चीज़ें ही आती हैं, जिनका एक ढ़ांचा हो या एक संरचना हो. इसलिए गुफाएं और रास्ते या महल इसके अंतर्गत आते हैं. भारत में पहाड़ों को काट के बनाये गए करीब 1500 मंदिर हैं।

कुछ तो बहुत पहले से हैं और कुछ समय के साथ बेहतरीन कलाकारी से बनते रहे. गुफाओं का भी भारत में बहुत महत्व है. इनको देश में काफी पवित्र माना जाता है. इसके पीछे यही कारण है कि ज़्यादातर मंदिर और मठ गुफाओं में बने होते हैं. भारत में ये अन्य देशों के मुक़ाबले देखने को ज़्यादा मिलता है।

1. अजंता की गुफाएं, महाराष्ट्र


अजन्ता में 30 गुफाओं की एक श्रृंखला है. इनका निर्माण दो सत्रों में हुआ था. पहला निर्माण कार्य दूसरी शताब्दी में हुआ था, तो दूसरा 6ठी शताब्दी में. ये गुफाएं वाघोरा नदी के किनारे स्थित चट्टानों पर खुदी हैं. इन गुफाओं का प्रयोग बौद्ध सन्यासी प्रार्थना सभागार के रूप में करते थे. इसको यूनेस्को द्वारा World Heritage Site घोषित कर दिया गया है. इस गुफा को 650 AD में त्याग दिया गया था पर पुनः एक ब्रिटिश ऑफिसर ने इसे 1819 में खोज निकाला।


2. एलोरा की गुफाएं, महाराष्ट्र


महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित एलोरा की गुफाओं में 34 मंदिर और कई मठ शामिल हैं. इसमें 12 गुफाएं बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए, 17 हिन्दू धर्मावलम्बियों के लिए और 5 जैन धर्म श्रद्धालुओं के लिए हैं. गुफा का क्षेत्र 2 किमी तक फैला हुआ है. इसको ज्वालामुखी के आकार में खोदा गया है. कहीं-कहीं इसको बनाने में लगे पत्थर लकड़ी की तरह दिखते हैं. इसको भी world heritage site घोषित किया गया है। ये विश्व की सबसे लम्बी गुफा है।


3. एलेफांटा की गुफाएं, महाराष्ट्र


संरचना के हिसाब से एलेफांटा की गुफाएं प्राचीन गुफाओं में सबसे जटिल मानी जाती हैं. ये मुंबई में गेटवे ऑफ़ इंडिया से 10 किमी दूर Elephanta द्वीप पर स्थित है. एलेफांटा की गुफाएं दो प्रकार के गुफाओं का समावेश है, पहली हिन्दू धर्म को प्रदर्शित करती है, तो वही दूसरी बौद्ध धर्म को. ये जगह आज भी स्थानीय लोगों द्वारा भगवान शिव का निवास स्थान मान कर पूजा जाता है।

पहले इस जगह का नाम घरापुरी था, फिर पुर्तगालियों ने इसका नाम एलेफांटा रख दिया।

4. भाजा की गुफाएं, महाराष्ट्र


ये गुफाएं 22 बड़े चट्टानों को काट कर बनाया गया है. दूसरी सदी में बनी ये गुफा पुणे में लोनावेला के निकट है. इसकी बनावट बहुत खास है. इसकी सबसे आकर्षक स्मारक चैत्यगृह है. इसकी खासियत ये है कि ये एक विशाल प्रार्थना स्थल है, जिसके एक कोने पर बड़ा स्तूप है।

ऐसा कहा जाता है कि इस गुफा में कूल 14 स्तूप हैं, जिसमें से पांच देखने को मिलते हैं, बाकि खुदाई में कहीं दब गये हैं।

5. कान्हेरी की गुफाएं, महाराष्ट्र


उत्तरी मुंबई के संजय नेशनल पार्क में स्थित ये गुफा 109 चट्टानों के स्मारकों का समूह है. इनको पहली से नवीं सदी के बीच में बनाया गया था. बारिश के मौसम में ये अब पिकनिक की लोकेशन बन कर रह गयी है. पहले ये बौद्ध धर्म से जुड़े हुए कला को प्रदर्शित करता था।

इसमें से ज़्यादातर गुफाएं मठ की तरह ही उपयोग में लायी जाती थीं. अब भी कुछ लोग इनको पूजनीय मानते हैं।

6. करला की गुफाएं

महाराष्ट्र के लोनावाला में स्थित करला की गुफाएं भारत की प्राचीनतम गुफाओं में से एक हैं. ये हिन्दू और बौद्ध धर्म की कला की एक मिसाल है. ये 16 चट्टानों का समावेश है, इसकी 8वीं गुफा चैत्यगृह है, जो सतावहानस वंश के समय खुदी थी।

इसमें विद्यमान मंदिरों को भारत के सबसे बड़े बौद्ध मंदिरों की सूची में रखा जाता है।

7. उदयगिरी और खांडागिरीकी गुफाएं, ओडिशा


ओडिशा के भुबनेश्वर शहर के पास उदयगिरी और खांडागिरी की गुफाएं हैं. इनकी खास बात ये है कि इसका आंशिक हिस्सा प्राकृतिक रूप से निर्मित है, तो आधा मानव निर्मित।

ये गुफाएं छेदी वंश के राजा खारवेला द्वारा खुदवाई गयी थी।

8. बादामी गुफाएं, कर्नाटक


इस गुफा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये धर्मनिरपेक्षता को सूचित करता है. इसमें हिन्दू धर्म के साथ ही साथ और सारे धर्मों के संकेत और चित्र तराशे गए हैं. ये रॉकी हिल्स के ऊपरी भाग में स्थित है।

इस गुफा में अवस्थित चारों मंदिरों को पुलाकेशी प्रथम के पुत्र किर्थिवार्मन ने बनवाया था।

9. वराह गुफा मंदिर, तमिलनाडु


7वीं सदी में बनी इस गुफा को भगवान विष्णु का पूजन स्थल माना जाता है. इसमें भगवान विष्णु के साथ-साथ देवी लक्ष्मी और गणेश की भी प्रतिमाएं तराशी हुई हैं. इसके स्तम्भ बहुत आकर्षक हैं।

इसको 1984 में यूनेस्को ने World Heritage Site घोषित कर दिया था।

10. बराबर गुफाएं, बिहार


गया से 20 किमी दूर स्थित ये गुफाएं देश की प्राचीनतम गुफाओं में शामिल हैं, इसमें से अधिकतर मौर्य वंश द्वारा बनवाया गया था, बाकी अशोक के समय निर्मित हुआ. इस गुफा को देख कर ऐसा लगता है कि इसे लेज़र से काटा गया है. इस गुफा में काफी मात्रा में ग्रेनाइट पत्थर देखने को मिल जायेगा।


11. लेंयादरी गुफाएं, महाराष्ट्र


लेयांदरी में छोटी-छोटी 40 गुफाएं शामिल हैं. इसको इस तरह बनाया गया है कि 30 गुफाओं का मुंह दक्षिण की तरफ खुलता है. इस गुफा को बौद्ध मठ के रूप में पहली शताब्दी में बनाया गया था।

बाद में इसे भगवान गणेश का मंदिर बना दिया गया. इन गुफाओं में आपको प्राचीन चित्रकारी और शिल्पकारी देखने को मिल जाएगी।

12. पंदाव्लेनी गुफाएं, महाराष्ट्र

ये 24 गुफाओं की एक शृंखला है, जो एक हिन्दू धर्म स्थल के बहुत करीब स्थित है. आश्चर्य की बात तो ये है कि इसको बनाने का काम जैन धर्मावलम्बियों ने शुरू किया था, पर खत्म बौद्ध अनुयायियों ने किया।

इसका प्रार्थनागार भी अत्यंत मनोरम है, जो चारों तरफ स्तूप से घिरा है।

13. बाघ गुफाएं, मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के धार शहर से 97 किमी दूर स्थित ये गुफा Rock-Cut Architect का बेजोड़ नमूना हैं. इसको देख कर ऐसा लगता है कि इसे दक्ष शिल्पकारों द्वारा काटा गया था।

इसमें बनायीं गयी तस्वीरें धुंधली हो चुकी हैं, पर इतिहासकारों का ऐसा कहना है कि इसे 5वीं सदी के मध्य में बनाया गया था।

14. जोगेश्वरी की गुफाएं, महाराष्ट्र

भगवान शिव को समर्पित ये गुफा तकरीबन 1500 साल पुरानी है. ये हिन्दू पुजारियों और बौद्ध सन्यासियों के द्वारा बनाया गया था. गुफा को यूनेस्को ने World Heritage sites की सूची में डाल दिया है. ये गुफाएं महायाना बुद्धिस्ट आर्किटेक्चर के आखिरी समय से जुड़ी हैं।

15. उदयगिरी गुफाएं, मध्य प्रदेश


इसको देश के सबसे प्राचीन हिन्दू गुफा मंदिरों के रूप में जाना जाता है. इसको चन्द्रगुप्त द्वितीय के समय चौथी या पांचवी सदी के मध्य में खुदवाया गया था।

इसमें 20 गुफाएं समाहित हैं, जिसमें एक जैन धर्म के लिए हैं, बाकी सारे हिन्दू धर्म के. फ़िलहाल ये एक पर्यटन स्थल हैं, जिनकी देख-रेख भारतीय पुरातत्व विभाग करता है।
source :mysteryofindia

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