माँ की तस्वीर बनायीं बच्चे ने और किया प्राइवेट पार्ट पर लाल रंग का निशान ,तस्वीर की सच्चाई जानकर चौक जायेंगे आप

एक 5 साल का मासूम बालक जिसे इस अनोखी दुनिया की शायद इतनी खबर नही , उसके पास इतने शब्द भी नही और ना इतनी समझ | जब उसने अपनी माँ की एक विचित्र तस्वीर बनायीं तो माँ आश्चर्य में पड़ गयी | छोटे छोटे नन्हे हाथ जिन्हें कलम सही से पकड़ना भी नही आई होगी , उन छोटे हाथो से एक चेहरा, एक गोल पेट और दो पतली पतली टाँगे बनायीं और टांगो के बीच बनाया एक लाल रंग का निशान ,और चला आया माँ को दिखाने ,तस्वीर देखकर माँ आश्चर्य में पड़ गयी ,शायद माँ समझ चुकी थी ,फिर बच्चे की माँ ‘पेनी होल्डर ‘ ने फेसबुक पर अपने जज्बात में कहा |

‘तस्वीर देखकर मुझे समझ नहीं आया कि गर्व करूं या शर्म करूँ ’

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जब माँ ने पहला सवाल उन मासूम आँखों से किया की यह लाल निशान क्या है तो बड़ी ही मासूमियत से बच्चे ने जवाब दिया ‘माँ ,यह आपके पीरियड है’|पेनी होल्डर को जब से उनका सबसे छोटा बच्चा हुआ, उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म नाम की एक बीमारी हो गई | इसमें फेफड़ों की ओर जाती धमनियों में ब्लॉकेज हो जाता है | जिसको हटाने के लिए खून को पतला करने की दवाइयां दी जाती हैं | इस कारण , जब पीरियड में खून आता है, वो भी पानी की तरह बहने लगता है | पेनी को पीरियड में बहुत तकलीफ होती थी | कई दफ़ा तो ऐसा भी हुआ कि उनका बच्चा टॉयलेट में हुआ करता था और उसकी मौजूदगी में उन्हें बाथरूम में जाकर खून साफ़ करना पड़ता था |

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पेनी के बेटे जूलियन जब अपनी मां को ऐसे देखा तो बच्चा बहत परेशान हुआ फिर एक दिन मां ने अपने बच्चों को पीरियड के बारे में समझाया | जिसके बाद उनका बेटा उनसे बार-बार पूछता रहता था कि क्या वो ठीक हैं | पेनी का कहना हैं कि उनके बच्चे उनका बहुत खयाल रखते हैं |
जब पेनी को मालूम हुआ कि तस्वीर में लाल निशान उनके पीरियड का है तो , उनका दिल भर आया | उन्होंने अपने बच्चे से कहा कि ये बहुत सूंदर है | बच्चे ने कहा, ‘मुझे पता था माँ की तुम्हें ये पसंद आएगा ’

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एक मासूम लड़का जब अपनी माँ के दर्द को जब इतनी गहराई से समझ सकता है तो कोई लड़की क्यों नही | हमारे भारतीय समाज में बदलाव की जरूरत है क्यों नही लड़कियों को पीरियड के बारे में समझाया जाता ,क्यों उन्हें पहली बार में अपने अंडरवियर में खून देखकर ऐसा सोचना पड़ता है की उन्हें कोई गंभीर बीमारी है , क्यों उन्हें पहली बार में मर जाने जैसा सोचना पड़ता है क्या हम हमारी बेटियों को पहले से इसके लिए तैयार नही कर सकते ?, क्या हम उन्हें यह समझा नही सकते की बेटा यह कोई जानलेवा बीमारी नही है ? क्या मौत आती है हमें उन्हें बस इतना सा तैयार करने में |
अगर हम उन्हें बस पीरियड के बारे में पहले से इतनी सी जानकारी दे दे तो उनकी कितनी समस्यांए सुलझ जाएगी , उन्हें पहली बार में खुद से लड़ना नही पड़ेगा वे पहले से तैयार रहेगी , और हमें बस इतना सा ही तो करना है की उन्हे समझाना है ,लड़ तो वे खुद लेगी और इसके लिए पुराने ख़यालात और अपने दिमाग की गंदगी को बाहर निकल फेंकना होगा | इस जिन्दगी में कुछ तो अच्छा करो जिससे की कोई हम पर भी गर्व करे |

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