खूबसूरत और प्राकृतिक नजारों से भरपूर ये शहर स्वर्ग से कम नहीं, यहां हर मौसम में लें सकते है घूमने का मजा

भारत के उत्तरपूर्वी राज्य में स्थित सिक्किम खूबसूरत और प्राकृतिक नजारों से भरपूर शहर है। नदियों और पहाड़ो से भरे इस शहर में हर साल घूमने के लिए बहुत से पर्यटक आते हैं। सिक्किम रहस्यमय सौंदर्य और फूलों से भरा हुआ है। इस शहर के पुराने रीति-रिवाज आज के लाइफस्टाइल के हिसाब से किए जाते है। यहां के बुद्ध धर्म मंदिरों में फारसी और तिब्बती भाषा की शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा यहां पर घूमने के लिए बहुत से गांव, नदियां और पहाड़ियां है जिनकी खूबसूरती देखकर आप दंग रह जाएंगे।

1. कंचनजंगा पहाड़ी

कंचनजंगा पहाड़ी
कंचनजंगा पहाड़ी

सिक्किम की ये पहाड़ी दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी है। इसकी ऊंचाई 28156 फुट है। सूरज की सबसे पहली किरण इस पहाड़ी पर पड़ती है। आप चाहें तो इस पहाड़ी पर ट्रेकिंग भी कर सकते है। इसकी चोटी को सिक्किम के दो गावों से देखा जा सकता है।

2. गंगकोट

गंगकोटसिक्किम की राजधानी गंगकोट बहुत ही खूबसूरत नजारों से भरपूर शहर है। कंचनजंगा पहाड़ी की चोटी इस शहर से आपको साफ दिखाई देगी। गंगटोक के प्राचीन मंदिर, महल और मठ आपको सपनों की दुनिया की सैर कराएंगे।आप यहां पर प्राचीन कलाकृतियों के लिए पुराने बाजार, लाल बाजार या नया बाजार भी घूम सकते हैं। इसके अलावा यहां पर पहाड़ियों की ढाल पर दोनों और आकर्षक भवन दिखाई देते है।

3. नाथु-ला दर्रा

नाथु-ला दर्रा
नाथु-ला दर्रा

यह दर्रा सिक्किम को तिब्बत क्षेत्र से जोड़ती है। इसकी ऊंचाई लगभग 14,00 फीट है। यहां की पहाड़ियां ज्यागातर धुंध से ढकी रहती है। इस जगह जाने के लिए आपको टेढ़े मेढ़े रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। पर्यटको यहां पर जाने के लिए स्पेशल परमिट लेना पड़ता है।

4. युक्सोम

युक्सोम
युक्सोम

यह शहर सिक्किम की पहली राजधानी हुआ करता था। इस शहर में आपको कंचनजंघा की चढ़ाई के लिए असानी से बेस कैम्प मिल जाएगा। याक की सवारी करते हुए आप यहां के मजारों का मजा ले सकते है। इसके अलावा यहां की प्रसिद्ध सोम्गो लोक हमेशा ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रही है। मई से अगस्त के बीच इस शहर में बहुत ही सुंदर फूल खिलते है और बर्फ गिरने के कारण झील का इलाका और भी खूबसूरत हो जाता है।

5. युमथांग घाटी 

Yumthang Valley of Flowers
Yumthang Valley of Flowers

युमथुंग घाटी को लोग फूलों की घाटी भी कहते है। यहां को तापमान गर्मियों में कभी 28 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादातर नहीं बढ़ता और ठण्ड में 0 डिग्री सेल्सियस पर रहने के बावजूद भी यहां पर कुछ भी जमता नहीं है। मानसून में यहां पर बारिश के कारण भूस्खलन आने का डर रहता है।

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