इस गांव के लोगों ने शराब पीने की आदत को शतरंज के खेल में बदल दी

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कहते हैं कि अगर इंसान को किसी भी चीज़ की लत एक बार लग जाए तो उसे छुड़ा पाना मुश्‍किल होता है. लेकिन केरला में बसे एक गांव के जज्‍़बे को देख कर ऐसा नहीं लगता है. ‘मारूती चल’ नाम के इस गांव के लोगों में बदलाव की ऐसी लहर आई है जो सुन कर आप भी दंग हो जाएंगे.



जब पूरा गांव शराबी हुआ करता था

इस गांव के लोग इस कदर शराब के नशे में डूब चुके थे कि उनका इससे उबर पाना मुश्किल ही लगता था. लेकिन कुछ समय बाद इन लोगों को महसूस हुआ कि ऐसा करने से बहुत से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

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अब शतरंज का शौक चढ़ा है
कुछ साल पहले तक शाम ढलते ही लोग यहां शराब पीने के लिए इकठ्ठा हो जाते थे. आज वहां लोग इकठ्ठे तो जरूर होते हैं लेकिन शराब पीने के लिए नहीं ,बल्‍कि शतरंज खेलने के लिए.

उन्नीकृष्णन इस गांव के हीरो हैं
इन्‍हीं लोगों में से 10वीं पास सी उन्नीकृष्णन नाम का एक शख्‍़स है, जिसे शतरंज सीखने की ललक थी. वह अमेरिका के चैम्‍पियन बॉबी फिशर का दीवाना था. उसने सबको अपनी शराब पीने की आदत को शतरंज खेलने की आदत के साथ बदलने की सलाह दी.

ठेके की जगह रेस्तरां खोला गया

इस गांव में शराब के ठेके की जगह एक ऐसा रेस्‍तरां बनाया गया है जिसमें लोग कभी भी आकर शतरंज खेल सकते हैं.

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100 प्रतिशत तक शतरंज की साक्षरता है
मारूती चल नाम का ये गांव आज ‘शतरंज विलेज’ के नाम से मशहूर है क्‍योंकि यहां लोगों के पास 100 प्रतिशत तक शतरंज की साक्षरता है.

 


Source: odditycentral

The Indian Village That Took Up Chess as an Alternative to Drinking

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