इस गांव में लोग बोलते नहीं, बल्कि इशारों में ही करते हैं हमेशा बातें – वीडियो में देखे

इंडोनेशिया का एक गांव है, जहां का हर व्यक्ति सिर्फ इशारों में ही बातें करता है। पिछली सात पीढ़ियों से बेंगकला गांव के लोग आपस में शब्दों का इस्तेमाल मुंह के बजाए हाथों से करते हैं।

गांव में आबादी करीब 3000 है। बड़ी बात यह है कि न सिर्फ गांव में रहने वाले बल्कि यहां के कई कार्यालय भी इसी तरह से चलते हैं। बाहरी लोगों का यहां ज्यादा आना-जाना होता नहीं। गांव के लोग ही स्थानीय व्यवस्था संभालते हैं।

स्थानीय लोगों की सांकेतिक भाषा को काटा कोलोक कहा जाता है। यह लैंग्वेज कई सौ साल पुरानी बताई जाती है। काटा कोलोक उन लोगों को भी रेस्पेक्ट देती है जो सच में बोलने और सुनने में सक्षम नहीं होते।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस गांव में सुनने और बोलने में परेशानी का सामना करने वाले लोगों की संख्या किसी सामान्य शहर से 15 गुनी अधिक रही है। इसी वजह से यहां सांकेतिक भाषा को अपनाया गया था।

यहां जन्म लेने वाले बच्चों में भी कई सुनने की बीमारी से गस्त होते हैं। इसका कारण यहां की भौगोलिक परिस्थितियों को बताया जाता है। बेंगकला गांव को कई लोग डीफ विलेज भी कहते हैं।

 
वीडियो :-


source : odditycentral
TAG : The Balinese “Deaf Village” Where Everyone Knows Sign Language in Hindi

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