रोज 100 मीटर नदी पार कर स्कूल पढ़ाने जाता है ये अध्यापक

0
32

भारत में गुरू को भगवान का दर्जा ऐसे ही नहीं दिया गया है। कुछ लोग हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से समाज में एक मिसाल कायम की है। शिक्षक समाज का एक महत्वपूर्ण अंग होता है। वह ना सिर्फ़ शिक्षा का प्रसार करता है, बल्कि एक पीढ़ी तैयार करता है।



केरल के मलप्पुरम जिले के अब्दुल मलिक नाम के एक शिक्षक ने अनोखी मिसाल कायम की है। इनकी मेहनत और लगन के बारे में जान कर आप भी गौरान्वित महसूस करेंगे।

अब्दुल मलिक को अपनी नौकरी से काफ़ी मोहब्बत है

स्कूल जाने के लिए वे रोजाना 100 मीटर नदी तैर कर पार करते हैं।

19 साल की नौकरी में उन्होंने अभी तक एक बार भी ड्यूटी मिस नहीं की।

समय बचाने के लिए पार करते हैं नदी

नौकरी लगने के बाद अब्दुल मलिक दो-तीन साल तक सड़क के रास्ते स्कूल गए, लेकिन इसमें 24 किलोमीटर ज़्यादा दूरी तय करनी पड़ती थी। एक दिन सहकर्मी की सलाह पर उन्होंने तैर कर स्कूल जाना शुरू किया, जो अब तक जारी है।

छात्र भी अब्दुल से प्रेरित हैं

अपने गुरू को देख कर छात्रों ने भी नदी के सहारे स्कूल जाना शुरू कर दिया। अब्दुल छात्रों को ट्रेनिंग भी देते हैं।


कई बार सम्मानित हो चुके हैं

नदी के रास्ते से स्कूल पहुंच कर अब्दुल ने स्थानीय मीडिया को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। बाद में राजनेता भी प्रभावित हुए हैं। अब्दुल के जज़्बे को देख कर उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका है।

बेशक अब्दुल ने अपने प्रयास से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और लोगों को दिखा दिया कि शिक्षा का दीप हमेशा जलना चाहिए। इससे छात्रों की भलाई और राष्ट्र का निर्माण होगा।
Story & Image Source: bhaskar

YOU MAY LIKE
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here