यदि हम ग़ज़ल और शायरी के हवाले से माँ कि बात करे तो मुनव्वर राना वो पहले शायर है जिन्होने ग़ज़ल और शायरी को माँ से सम्बोधित किया, न केवल माँ से बल्कि औरत के अन्य रुप बहन और बेटी से...