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श्रीमद्‍ भगवद्‍गीता – द्वितीयअध्याय – सांख्ययोग Bhagwat Geeta Chapter 2

अथ द्वितीयोऽध्यायः ~ सांख्ययोग अर्जुन की कायरता के विषय में श्री कृष्णार्जुन-संवाद      संजय उवाच:- तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्णाकुलेक्षणम्‌ । विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः ॥2.1॥ भावार्थ :- संजय बोले- उस प्रकार करुणा से व्याप्त और आँसुओं से पूर्ण तथा व्याकुल नेत्रों वाले...

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता – अध्याय सात – ज्ञानविज्ञानयोग GnyanVignyanYog Bhagwat Geeta Chapter 7

अथ सप्तमोऽध्यायः- ज्ञानविज्ञानयोग विज्ञान सहित ज्ञान का विषय,इश्वर की व्यापकता श्रीभगवानुवाच मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः । असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ॥ भावार्थ : श्री भगवान बोले- हे पार्थ! अनन्य प्रेम से मुझमें आसक्त चित तथा अनन्य भाव से मेरे...

श्रीमद्‍ भगवद्‍गीता -अध्याय चार-ज्ञानकर्मसंन्यासयोग GyanKarmSanyasYog Bhagwat Geeta Chapter 4

अथ चतुर्थोऽध्यायः- ज्ञानकर्मसंन्यासयोग योग परंपरा, भगवान के जन्म कर्म की दिव्यता, भक्त लक्षण भगवत्स्वरूप श्री भगवानुवाच इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम्‌ । विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत्‌ ॥ भावार्थ : श्री भगवान बोले- मैंने इस अविनाशी योग को सूर्य से कहा था, सूर्य ने...

श्रीमद्‍ भगवद्‍गीता – अध्याय एक- अर्जुनविषादयोग Bhagwat Geeta Chapter 1

                                    अथ प्रथमोऽध्यायः- अर्जुनविषादयोग    दोनों सेनाओं के प्रधान शूरवीरों और अन्य महान वीरों का वर्णन धृतराष्ट्र उवाच:-              ...

श्रीमद्‍ भगवद्‍गीता Shrimad Bhagwat Geeta Story In Hindi

श्रीमद्भगवद्‌गीता हिन्दुओं के पवित्रतम ग्रन्थों में से एक है। महाभारत के अनुसार कुरुक्षेत्र युद्ध में भगवान श्री कृष्ण ने गीता का सन्देश अर्जुन को सुनाया था। यह महाभारत के भीष्मपर्व के अन्तर्गत दिया गया एक उपनिषद् है। भगवत गीता में एकेश्वरवाद,...

कथा महाभारत की – अर्जुन का अहंकार Mahabharata Arjun’s Ego Story In Hindi

एक बार अर्जुन को अहंकार हो गया कि वही भगवान के सबसे बड़े भक्त हैं। उनको श्रीकृष्ण ने समझ लिया। एक दिन वह अर्जुन को अपने साथ घुमाने ले गए। रास्ते में उनकी मुलाकात एक गरीब ब्राह्मण से हुई। उसका व्यवहार...

कथा महाभारत की – आलस्य और निद्रा किसी भी योद्धा की सबसे बड़ी कमजोरी है

एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था | गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे, लेकिन वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था |सदा स्वाध्याय से दूर भागने की कोशिश...

कथा महाभारत की – वीर कर्ण की नीति निष्ठां Mahabharata Veer Karn Incredible Story In Hindi

कर्ण कौरवों की सेना में होते हुए भी महान धर्मनिष्ठ योद्धा थे। भगवान श्रीकृष्ण तक उनकी प्रशंसा करते थे।  महाभारत युद्ध में कारण ने अर्जुन को मार गिराने की प्रतिज्ञा की थी। उसे सफल बनाने के लिए खांडव वन के महासर्प अश्वसेन...

कथा महाभारत की – भीष्म पितामह और शरशैया Mahabharata Incredible Story In Hindi

महाभारत में भीष्म जब बाणों की शय्या पर थे तो एक अद्भुत प्रेरक घटना हुयी : महाभारत का युद्ध अंतिम दौर में था। भीष्म पितामह शरशैया पर लेटे थे। युधिष्ठिर अपने भाइयों के साथ उनके चरणों के समीप बैठे उनका धर्मोपदेश...

अद्भुत कथा महाभारत की – परीक्षित का जीवन मोह Mahabharata Maharaj Parikshit’s Story In Hindi

राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाते हुए शुकदेव को छह दिन बीत गए और सर्प के काटने से मृत्यु होने का एक दिन शेष रह गया, तब भी राजा का शोक और मृत्यु का भय कम नहीं हुआ। तब शुकदेवजी ने...