महाभारत युद्ध शुरू होने से पहले की बात हैं, जब हस्तिनापुर के दूत संजय पांडवों का सन्देश लेकर आये थे और अगले दिन सभा में उनका सन्देश सुनाने वाले थे। उसी रात महाराज धृतराष्ट्र बहुत व्याकुल थे और उन्हें नींद नहीं...