बाप की मार से… ना तलवार की धार से ना गोलियों की बौछार से, बंदा डरता है तो सिर्फ अपने बाप की मार से। नहाकर तो देखो… आँखो से आँखे मिलाकर तो देखो, एक बार हमारे पास आकर तो देखो, मिलना...