सनातन धर्म की महानता यही है कि यहां स्वयं ईश्वर अपने भक्तों का मान रखने के लिए उनके दिए श्राप को भी शिरोधार्य करते हैं। नारद मुनि ने लक्ष्मी जी स्वयंवर में स्वयं को वानर बनाने से क्षुब्ध होकर भगवान विष्णु...