Tag: रहस्यमयी कहानियां

कथा महाभारत की – स्वर्गारोहण पर्व Mahabharata Swargarohan Parv Stories In Hindi

स्वर्गारोहण पर्व में कुल 5 अध्याय हैं। इस पर्व के अन्त में महाभारत की श्रवणविधि तथा महाभारत का माहात्म्य वर्णित है। इस पर्व के प्रथम अध्याय में स्वर्ग में नारद के साथ युधिष्ठिर का संवाद और द्वितीय अध्याय में देवदूत द्वारा...

कथा महाभारत की – कुरु वंश की उत्पत्ति Mahabharata Rise of Kuruvansh Story In Hindi

कुरु वंश की शुरुआत राजा कुरु से हुई थी। वे इस वंश के प्रथम पुरुष थे। राजा कुरु बड़े ही प्रतापी, शूरवीर और तेजस्वी थे। उन्हीं के नाम पर ‘कुरु वंश’ की शाखाएँ निकलीं और विकसित हुईं। एक से एक प्रतापी...

कथा महाभारत की – महर्षि वेदव्यास के जन्म की कथा Mahabharata Birth Of Maharshi Vedvyas Story In Hindi

प्राचीन काल में सुधन्वा नाम के एक राजा थे। वे एक दिन आखेट के लिये वन गये। उनके जाने के बाद ही उनकी पत्नी रजस्वला हो गई। उसने इस समाचार को अपने शिकारी पक्षी के माध्यम से राजा के पास भिजवाया।...

कथा महाभारत की – भीष्म जन्म तथा अखण्ड प्रतिज्ञा Mahabharata Birth Of Bheeshm And Akhand Vow Story In Hindi

एक बार हस्तिनापुर के महाराज प्रतीप गंगा के किनारे तपस्या कर रहे थे। उनके रूप-सौन्दर्य से मोहित होकर गंगा उनकी जाँघ पर आकर बैठ गईं। गंगा ने कहा- “हे राजन! मैं ऋषि की पुत्री गंगा हूँ और आपसे विवाह करने आपके...

कथा महाभारत की – धृतराष्ट्र, पांडु व विदुर जन्म की कथा Mahabharata Birth Of Dhritrashtra, Pandu & Vidur Story In Hindi

महाराज शान्तनु से विवाह के पश्चात सत्यवती के चित्रांगद और विचित्रवीर्य नामक दो पुत्र हुए। शान्तनु का स्वर्गवास चित्रांगद और विचित्रवीर्य के बाल्यकाल में ही हो गया, इसलिये उनका पालन-पोषण भीष्म ने किया। भीष्म ने चित्रांगद के युवा होने पर उन्हें...

कथा महाभारत की – दानवीर कर्ण के जन्म की कथा Mahabharata Birth Of Karna Story In Hindi

धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुर के पालन-पोषण का भार भीष्म के ऊपर था। तीनों पुत्र बड़े होने पर विद्या-अध्ययन के लिए भेजे गए। धृतराष्ट्र बल विद्या में, पाण्डु धनुर्विद्या में तथा विदुर धर्म और नीति में निपुण हुए। युवा होने पर धृतराष्ट्र...

कथा महाभारत की – पाण्डवों के जन्म की कथा Mahabharata Birth Of Pandavas Story In Hindi

धृतराष्ट्र जन्म से ही अन्धे थे, अतः उनकी जगह पर पाण्डु को हस्तिनापुर का राजा बनाया गया था। इससे धृतराष्ट्र को सदा अपनी नेत्रहीनता पर क्रोध आता और उन्हें पाण्डु से द्वेषभावना होने लगती। पाण्डु ने कुछ ही समय में सम्पूर्ण...

कथा महाभारत की – कर्ण को शाप की कथा Mahabharata Curse Of Karna Story In Hindi

अपनी कुमार अवास्था से ही कर्ण की रुचि अपने पिता अधिरथ के समान रथ चलाने की बजाय युद्धकला में अधिक थी। कर्ण और उसके पिता अधिरथ आचार्य द्रोणाचार्य से मिले, जो कि उस समय युद्धकला के सर्वश्रेष्ठ आचार्यों में से एक...

कथा महाभारत की – एकलव्य की गुरुभक्ति Mahabharata Eklavya Gurabhakti Story In Hindi

आचार्य द्रोणाचार्य पाण्डव तथा कौरव राजकुमारों को अस्त्र-शस्त्र की विधिवत शिक्षा प्रदान कर रहे थे। उन राजकुमारों में अर्जुन के अत्यन्त प्रतिभावान तथा गुरुभक्त होने के कारण वे द्रोणाचार्य के प्रिय शिष्य थे। द्रोणाचार्य का अपने पुत्र अश्वत्थामा पर भी विशेष...

कथा महाभारत की – कर्ण-दुर्योधन के मित्रता की कथा Mahabharata Friendship Of Karna & Duryodhana Story In Hindi

कर्ण और दुर्योधन की मित्रता का उल्लेख महाभारत में मिलता है। कर्ण दुर्योधन के आश्रय में रहता था। गुरु द्रोणाचार्य ने अपने शिष्यों की शिक्षा पूर्ण होने पर हस्तिनापुर में एक रंगभूमि का आयोजन करवाया। रंगभूमि में अर्जुन विशेष धनुर्विद्या युक्त...