Tag: पंचतंत्र की कहानी

पंचतंत्र की कहानी -गौरैया और हाथी – मित्रभेद The Elephant and the Sparrow Panchatantra Hindi Story

किसी पेड़ पर एक गौरैया अपने पति के साथ रहती थी। वह अपने घोंसले में अंडों से चूजों के निकलने का बेसब्री से इंतज़ार कर रही थी। एक दिन की बात है गौरैया अपने अंडों को से रही थी और उसका...

पंचतंत्र की कहानी -तीन मछलियां- मित्रभेद Tale of the Three Fishes Panchatantra Hindi Story

एक नदी के किनारे उसी नदी से जुडा एक बडा जलाशय था। जलाशय में पानी गहरा होता हैं, इसलिए उसमें काई तथा मछलियों का प्रिय भोजन जलीय सूक्ष्म पौधे उगते हैं। ऐसे स्थान मछलियों को बहुत रास आते हैं। उस जलाशय...

पंचतंत्र की कहानी – नीले सियार की कहानी – मित्रभेद The Story of the Blue Jackal Panchatantra Hindi Story

एक बार की बात हैं कि एक सियार जंगल में एक पुराने पेड के नीचे खडा था। पूरा पेड हवा के तेज झोंके से गिर पडा। सियार उसकी चपेट में आ गया और बुरी तरह घायल हो गया। वह किसी तरह...

पंचतंत्र की कहानी -चतुर खरगोश और शेर – मित्रभेद The Cunning Hare and the Lion Panchatantra Hindi Story

किसी घने वन में एक बहुत बड़ा शेर रहता था। वह रोज शिकार पर निकलता और एक ही नहीं, दो नहीं कई-कई जानवरों का काम तमाम देता। जंगल के जानवर डरने लगे कि अगर शेर इसी तरह शिकार करता रहा तो...

पंचतंत्र की कहानी -बगुला भगत और केकड़ा ~ मित्रभेद The Crane And The Crab PanchatantraHindi Story

एक वन प्रदेश में एक बहुत बडा तालाब था। हर प्रकार के जीवों के लिए उसमें भोजन सामग्री होने के कारण वहां नाना प्रकार के जीव, पक्षी, मछलियां, कछुए और केकडे आदि वास करते थे। पास में ही बगुला रहता था,...

पंचतंत्र की कहानी -दुष्ट सर्प और कौवे ~ मित्रभेद The Cobra and the Crows Panchatantra Hindi Story

एक जंगल में एक बहुत पुराना बरगद का पेड था। उस पेड पर घोंसला बनाकर एक कौआ-कव्वी का जोडा रहता था। उसी पेड के खोखले तने में कहीं से आकर एक दुष्ट सर्प रहने लगा। हर वर्ष मौसम आने पर कव्वी...

पंचतंत्र की कहानी – धूर्त बिल्ली का न्याय The Cunning Mediator Panchatantra Hindi Story

एक जंगल में विशाल वृक्ष के तने में एक खोल के अन्दर कपिंजल नाम का तीतर रहता था । एक दिन वह तीतर अपने साथियों के साथ बहुत दूर के खेत में धान की नई-नई कोंपलें खाने चला गया। बहुत रात...

पंचतंत्र की कहानी -व्यापारी का पतन और उदय -मित्रभेद Fall And Rise Of The Merchant-Panchatantra Hindi Stories

वर्धमान नामक एक शहर में एक बहुत ही कुशल व्यापारी रहता था। राजा को उसकी क्षमताओं के बारे में पता था, और इसलिए उसने उसे राज्य का प्रशासक बना दिया। अपने कुशल तरीकों से उसने आम आदमी को भी खुश रखा...

बेताल पच्चीसी – चोर ज़ोर-ज़ोर से क्यों रोया और फिर हँसा? विक्रम- बेताल की चौदहवीं कहानी Why did the thief cry loudly and then laughed?Vikram-Betal Fourteenth story in hindi

अयोध्या नगरी में वीरकेतु नाम का राजा राज करता था। उसके राज्य में रत्नदत्त नाम का एक साहूकार था, जिसके रत्नवती नाम की एक लड़की थी। वह सुन्दर थी। वह पुरुष के भेस में रहा करती थी और किसी से भी...

पंचतंत्र की कहानी -बन्दर और लकड़ी का खूंटा ~ मित्रभेद The Monkey and The Wedge Panchatantra Hindi Story

एक समय शहर से कुछ ही दूरी पर एक मंदिर का निर्माण किया जा रहा था। मंदिर में लकडी का काम बहुत था इसलिए लकडी चीरने वाले बहुत से मज़दूर काम पर लगे हुए थे। यहां-वहां लकडी के लठ्टे पडे हुए...