”अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन्ह जानकी माता।” ”चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा॥” हनुमानजी के लंका जाने के बारे में लोगों की भिन्न-भिन्न मान्यताएं हैं। कुछ मानते हैं कि वे तैरकर गए थे, कुछ के...