“अब्दुल हमीद और दुश्मन के टैंक दोनों ही अपनी जगहों से एक-दूसरे पर गोलाबारी कर रहे हैं। दोनों के गोले अपने लक्ष्यों को भेद रहे थे lतभी वहां सिर्फ़ एक तेज़ आवाज़ के धमाके के साथ आग और धुआं रह गया।...