महाभारत कर्ण-पर्व के अध्याय 90 में एक कथा आती है-खण्डन वन में एक महा सर्प रहता था-नाम था अश्वसेन। वन में आग लगी। उस अग्नि काँड का निमित्त अर्जुन को माना गया। अग्नि काँड में अश्वसेन की माता चक्षुश्रक मर गई।...