कभी बेचते थे अखबार, आज हैं 10 हजार करोड़ की कंपनी के मालिक

0
110
अंबरीश मित्रा झारखंड के एक गरीब परिवार में पैदा हुए। पिता चाहते थे कि वो अपने बेटे को पढ़ा लिखाकर इंजीनियर बनाएं, मगर अंबरीश पढ़ाई में बिलकुल अच्छे नहीं थे। कई बार फेल होने के बाद किसी तरह उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की।


पढ़ाई में कमजोर होने के बावजूद उनका मन कंप्यूटर में खूब लगता था। लेकिन उनके पिताजी उन पर पढ़ने का दबाव बनाते थे जो उनको बिलकुल पसंद नहीं था। उन्होंने घर छोड़ने का फैसला ले लिया और 15 साल की उम्र में भागकर दिल्ली आ गए। जेब में पैसे तो थे नहीं, रहते तो कहां रहते। उन्हें स्लम में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। अब सबसे बड़ा सवाल पेट पालने का था।

उन्होंने अखबार बेचकर पेट पालने के बारे में सोचा। शायद उन्हें पता नहीं था कि यही अखबार उन्हें करोड़ों की कंपनी का मालिक बना देगा। अखबार बेचते-बेचते उनकी नजर एक विज्ञापन पर पड़ी जिसने उनकी जिंदगी ही बदलकर रख दी। उस विज्ञापन में बिजनेस का आइडिया मांगा गया था और सबसे अच्छा आइडिया देने वाले को 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई थी।

अंबरीश ने अपना आइडिया दिया और उस आइडिया के लिए उन्हें 5 लाख रुपये बतौर इनाम दिया गया। इस पैसे से उन्होंने खुद का बिजनेस शुरू किया। उन्होंने वुमेन इन्फोलाइन नाम की एक छोटी कंपनी शुरू की, लेकिन शुरुआत में ही उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ा। उन्होंने विदेश जाने को सोचा और 2000 में लंदन चले गए।


यहां रोजी-रोटी के लिए एक बीमा कंपनी ज्वॉइन कर ली। एक दिन पब में शराब पीते-पीते उन्होंने अपने दोस्त के सामने 15 डॉलर रख कर मजाक में कहा कि कितना अच्छा होता अगर इस डॉलर में से महारानी एलिजाबेथ निकल कर बाहर आ जातीं। उनके दोस्त ने अंबरीश की फोटो लेकर महारानी एलिजाबेथ की फोटो पर सुपरइंपोज कर दिया। इसी मजाक के दौरान उन्हें एक ऐप बनाने का आइडिया सूझा।

उन्होंने 2011 में ब्लिपर नाम की एक कंपनी बनाई जो मोबाइल फोन के लिए ऑगमेंटेड रियलिटी एप बनाती है। इस कंपनी ने सॉफ्टवेयर की दुनिया में धमाल ही मचा दिया और जगुआर, यूनिलीवर, नेस्ले जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ टाइ-अप किया। आज ये कंपनी सलाना 10 हजार करोड़ कमाती है।

YOU MAY LIKE
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here