भगवान गणेश के लिए सात समंदर पार से आती हैं राखियां

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उज्जैन के एक मंदिर में भगवान गणेश की कलाई पर बांधने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी राखियां आती हैं. खास बात ये है कि राखियां राष्ट्र की रक्षा के लिए भगवान गणेश की मूर्ति की कलाई पर बांधी जाती है.

भाई बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन यूं तो हर घर में मनाया जाता है, लेकिन धार्मिक नगरी उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित बड़े गणेश मंदिर में ये त्योहार श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस मंदिर में मौजूद भगवान गणेश की विशालकाय मूर्ति को तमाम बहनें अपने भाई के रूप में मानती हैं. जिससे देश ही नहीं विदेशों से भी तमाम बहनें अपने इस भाई के लिए राखी भेजती हैं.

मंदिर के प्रमुख पंडित आनंदशंकर व्यास के मुताबिक बड़े गणपति सबके भाई हैं जिसका कारण भी है. उन्होंने बताया कि चूंकि भगवान शंकर और माता पार्वती को संपूर्ण जगत के माता-पिता माना जाता है तो उनके पुत्र होने के कारण भगवान गणेश सबके भाई हुए. इसलिए तमाम लोगों की रक्षा और श्रद्धा के चलते बड़े गणपति को बड़े भाई के रूप में देखा जाता है.

इसी के कारण हर साल यहां रक्षाबंधन का पर्व विशेष तौर पर मनाया जाता है. इस अवसर पर देश ही नहीं विदेशों से भी तमाम महिला भक्तों द्वारा भगवान गणेश को राखी भेजती हैं. इस बार भी भगवान गणेश को बांधने के लिए अमेरिका, हांगकांग, कैलीफार्निया आदि से राखियां आई है. दिल्ली, मुंबई, कोलकाता आदि शहरों से भी भगवान बड़े गणपति के लिए राखियां भेजी गई हैं.

पंडित आनंद शंकर व्यास के मुताबिक भगवान गणेश गणतंत्र के देवता है इसलिए गणतंत्र की रक्षा के लिए भी उन्हें राखी बांधी जाती है. इस बार भी राखी पर यहां श्रद्धा के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा और भारत गणराज्य की रक्षा, एकता अखंडता की कामना के साथ राखियां बांधी जाएगी.