इस जन्माष्टमी पर की श्री कृष्णा की इस प्रकार से पूजा तो खुल जायेंगे किस्मत के ताले ….

भगवान श्रीकृष्ण को कौन नही जानता , आने वाली 15 अगस्त को भगवान श्री कृष्ण का जन्म दिवस यानी की जन्माष्टमी इस त्यौहार को हिन्दू धर्म के भारत तथा विदेशो में बसे सभी हिन्दू बड़े ही धूम धाम से मनाते है | इस दिन उपवास रखकर भक्त भगवन के प्रति अपना प्रेम प्रकट करते है |पुराणों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने अपने अत्याचारी मामा कंस का सर्वनाश करने के लिए मुथरा में अवतार लिया था। जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण को पीले रंग के वस्त्र धारण करवाए जाते हैं और पीले रंग के आभूषणों से उनका पूर्ण श्रृंगार किया जाता है फिर भगवन श्री कृष्ण की पूजा की जाती है इस अत्यंत शुभ अवसर पर हम आपको बताते हैं कि जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा कैसे की जाए ….

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सुबह उठकर पूजा से पहले स्नान ध्यान कर ले और माथे पर चंदन का टिका लगाएं। इसके बाद घर में बने मंदिर में जाए और भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति को भी स्नान कराएं। मूर्ति को दूध, घी, फूल और साधा पानी से नहलाते वक्त यह जप करें- ‘ब्रह्मा स्मिहता गोविंदम आदि पुरुशम’ । स्नान कराने के बाद उन्हें पीले वस्त्र धारण कराएं और पीले रंग के आभूषणों से श्रृंगार भी करें। इसके बाद उन्हें दोबारा से मंदिर में विराजमान करा दें। नहलाने के बाद मूर्ति के साथ खाना, फूल, पानी और घी का दिया रख दें। पूजा के लिए एक पवित्र और साफ सुथरी थाली लें, उसमें गंगाजल, कुमकुम, चंदन, धूप, दीपक और कुछ फूल भी रख लें। इसके अलावा एक दूसरी प्लेट और लें जिसमें फल-फूल और पानी रखें। इसके साथ ही उसमें घी या तेल का दीपक रख लें।

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जब यह सब हो जाए, तब अपने बाएं हाथ से पानी लेकर सीधे हाथ से पानी लें और इस मन्त्र का उच्चारण करे ‘ओम अच्युत्याय नम:’ और उस पानी को पी जाएं। उसके बाद फिर पानी लें और बोलें- ‘ओम अनंत्याय नम:’ और फिर से पानी पी जाएं। इसके बाद आखिर में ‘ओम गोविंदाय नम:’ बोलें और पानी फिर पी जाएं। इसके बाद दोनों हाथों पर पानी डाल लेवें |

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इसके बाद भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति पर चंदन का तिलक लगाएं। इसके बाद हाथ जोड़कर बोले ‘शुभम करोति कल्याणम्’ और दीपक जला देवें । तभी ‘गुरु ब्रह्रा, गुरु विष्णु’ कहें और उसके बाद श्रे कृष्ण का कोई भी भजन गाएं। इसके बाद भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति के पास सात बार धूपबती घुमाएं। इसके बाद भगवान श्री कृष्णा के पैरों पर कुमकुम लगाएं और उसके बाद उसे अपने माथे पर कुमकुम लगाये । पूजा के दौरान भगवान श्री कृष्ण से अपने सभी पापों के लिए माफी मांगे। इसके बाद जो फल, पानी और फूल भगवान को चढ़ाए थे, उन्हें आप भी सेवन कर सकते हैं, और श्री कृष्ण से अपने मन की कोई भी मुराद मांग ले |

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