क्या आप जानते है दुनिया के नए सात अजूबो के बारे में ,पढ़िए पूरी जानकारी

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21वी सदी शुरू होने से पहले 1999 में सात अजूबे को नए तरीके से सबके सामने लाने की बात शुरू हुई। इसके लिए स्विट्ज़रलैंड के ज्यूरिक में न्यू 7 वंडर फाउंडेशन बनाया गया। इन्होने कैनेडा में एक साईट बनवाई, जिसमें विश्व भर की 200 कलाकृति के बारे में जानकारी थी और एक पोल शुरू हुआ, जिसमें इन 200 एंट्री में से 7 एंट्री को चुनना था। न्यू 7 वंडर फाउंडेशन के अनुसार इस परियोजना में लगभग 100 मिलियन लोगों ने नेट एवं फोन के द्वारा अपना वोट दिया। इन्टरनेट के द्वारा एक इन्सान एक ही बार 7 अजूबे चुन कर वोट कर सकता था, लेकिन फ़ोन के द्वारा एक इन्सान कई वोट दे सकता था। वोटिंग 2007 तक चली थी, जिसका रिजल्ट 7 जुलाई 2007 को लिस्बन में सबसे सामने आया आईये जानते है दुनिया के नए सात अजूबो के बारे में …..

ताजमहल –

आगरा में संगमरमर का बना यह मक़बरा मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी प्रिय मृत पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था। यह 1632 में बना और 15 साल में पूरा हुआ। बादशाह शाहजहाँ ने अपने जीवन के अंतिम दिन क़ैद में से ताजमहल को देखते हुए बिताए थे। यह ख़ूबसूरत गुंबदों वाला महल चारों तरफ बग़ीचों से घिरा है। क्षितिज पर इसके ताज के आकार के अलावा कुछ नजर नहीं आता और मुग़ल शिल्पकला का यह सबसे बढ़िया उदाहरण माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि शाहजहाँ को उसके पुत्र ने बुढ़ापे में बंदी बना लिया था और उसने अपने अंतिम दिन क़ैद में से ताजमहल को देखते हुए बिताए।

दुनिया के नए 7 आश्चर्य ,गज़ब दुनिया

2.क्राइस्ट द रिडीमर –

ब्राजील के ‘रियो डि जनेरियो‘ में पहाड़ी के ऊपर स्थित 130 फुट ऊँची ‘क्राइस्ट द रिडीमर‘ अर्थात ‘उद्धार करने वाले ईसा मसीह‘ की मूर्ति। यह क्रॉस या सलीब के आकार की है। कंक्रीट और पत्थर की बनी है और 1931 में बनकर तैयार हुई थी उस समय इसे लोगों से मिले दान से बनाया गया।

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3.चीन की दीवार –

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चीन की यह दीवार 5वीं सदी ईसा पूर्व में बननी चालू हुई थी और 16 वीं सदी तक बनती रही। यह दीवार चीन की उत्तरी सीमा पर बनाई गयी थी ताकि मंगोल आक्रमणकारियों को रोका जा सके। चीन की यह दीवार संसार की सबसे लम्बी मानव निर्मित रचना है। जो लगभग 4000 मील (6,400 किलोमीटर) तक फैली है।

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4.रोम का कोलोसियम –

रोम का कोलोसियम का असली लेटिन नाम ‘एम्फीथिएटरम्‌ फ्लावियम’ है, जिसे अंग्रेजी में ‘फ्लावियन एम्फीथिएटर’ कहा जाता है, लेकिन यह कोलोजियम के नाम से ही ज़्यादा प्रसिद्घ है। रोम का कोलोसियम एक विशाल खेल स्टेडियम है।

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5.जोर्डन का ‘पेत्रा’ –

अरब के रेगिस्तान के कोने में बसा पेत्रा 2000 साल पुराना शहर है जो राजा अरेतास चतुर्थ की राजधानी था। यह अपने तरह की पत्थर की इमारतों के लिये प्रसिद्ध है, जो लाल चट्‌टानों से बनी हैं।

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6.माचू पिच्चू –

दक्षिण अमरीका में एंडीज पर्वतों के बीच बसा माचू पिच्चू शहर पुरानी इंका सभ्यता का सबसे बढ़िया उदाहरण है।
माचू पिच्चू 15वीं शताब्दी तक बसा हुआ था। 15वीं शताब्दी के बाद माना जाता है कि स्पेन के आक्रमणकारी यहाँ पर ‘छोटी चेचक’ जैसी भयानक महामारी ले आए जिसके कारण यह शहर पूरी तरह उजड़ गया।

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7.चिचेन इत्जा –

आज के मध्य अमेरिका में स्थित यह मंदिर-नगरी पुरानी माया सभ्यता का अवशेष है। माया सभ्यता यहाँ पर 750 से 1200 सदी के बीच फली-फूली और यह शहर इनकी राजधानी और धर्मिक नगरी थी।

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