पोकेमोन गो गेम क्या है? क्यों हुआ इतना लोकप्रिय

करोड़ों लोगों ने पोकेमोन गो गेम खेलने के लिए पहली बार लॉग ऑन किया और गेम के सर्वर में समस्या सामने आई। अमेरिका जैसे तकनीकी से लबरेज देश में किसी गेम के सर्वर में इस तरह की समस्या आना निश्चिततौर पर साबित करती है कि गेम कितने बड़े पैमाने पर पसंद किया जा रहा है और खेला जा रहा है।


निआंटिक लैब (इस फेम को बनाने वाली संस्था) ने अपने ट्विटर अकांउट के माध्यम से यह माना था कि पोकेमोन गो गेम को खेलने में आ रही दिक्कत की एकमात्र वजह बहुत अधिक ट्रेफिक लोड है। सभी को अंदाजा था कि पोकेमोन गो बहुत अधिक पसंद किया जाएगा परंतु कोई भी इस बात का अंदाजा नहीं लगा पाया कि इसका एप कैसे काम कर पाएगा।

पोकेमोन गो खेलने के दौरान आई समस्याओं के बावजूद, एप्पल के एप स्टोर में अभी भी पोकेमोन गो सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला गेम है। 


क्या है पोकेमोन गेम ?

पहली बार 1996 में जापान में गेम बॉय के लिए रिलीज किए गए पोकेमोन गेम खासतौर पर रोल प्लेइंग वीडियो गेम्स की सीरीज था। गेम्स आमतौर पर जोड़े में रिलीज किए गए। हर नए गेम में पिछले के मुकाबले हल्का बदलाव था। कुछ सालों बाद रिलीज किए गए गेम पुराने गेम्स के बहुत एडवांस्ड रिमेक थे।

फरवरी 2016 तक, इस गेम की 279 मिलियन यूनिट्स की बिक्री हो चुकी थी जिसमें से 200 मिलियन प्रमुख सीरीज की थीं। यह गेम्स दुनिया में दूसरे नंबर पर सबसे अधिक बिकने वाला वीडियो गेम है। इसे बनाने वाले निंटेंडो का ही मारियो गेम इससे अधिक बिका है। पोकेमोन का प्रमुख किरदार पिकाचु है।

क्या है पोकेमोन की प्रसिद्धी की वजह?

अमेरिका में पोकेमोन सीरीज की सबसे नई पेशकश ‘पोकेमोन गो’ खेलने के चक्कर में उपजी सर्वर डाउन की समस्या ने इसके बेहद पसंद किए जाने की कहानी खुलकर कही। कई सालों से यूजर्स को लुभाने वाले इस गेम को आखिर क्यों इतना पसंद किया जाता है?

पोकेमोन एक अतिलोकप्रिय गेमिंग सीरीज है। इतनी लोकप्रिय कि इसे कॉपी करने के प्रयास भी किए जाते हैं। जाहिरतौर पर पोकेमोन को भी कॉपी करने की कोशिश चलती रही है परंतु जिस तकनीक के साथ इसे बनाया गया है वह इतनी जटिल है कि इसे कॉपी कर पाना बेहद मुश्किल काम है।

ऑनलाइन दुनिया का बड़ा नाम और वर्ल्डवाइड स्टूडियो के प्रेसिडेंट एरोन लोएब के शब्दों में,”यह सबसे अधिक वायरल होने वाली चीज है। मोबाइल पर इससे अधिक वायरल कुछ नहीं।” इसके पॉपुलर होने की सबसे बड़ी वजह इसका मोबाइल पर होना है। यह तकनीक इस्तेमाल करने का नया तरीका है। इसके लिए आपको मूवमेंट, जीपीएस और कैमरा चाहिए। इसमें लगने वाली तकनीक के हम आदी हो चुके है और इसी तकनीक को यह जादुई रूप देता है।

पोकेमोन गो की वर्तमान प्रसिद्धी साबित करती है कि लोग अपने काम छोड़कर इसे खेलने के लिए उतारू हैं। कुछ लोकेशन बेस्ड गेम्स जैसे ‘चेक इन’, ‘माय टाउन’ जैसे गेम्स लेकर आए। इन्हें आंशिक सफलता मिली परंतु लोग इनसे बोर हो गए। पोकेमोन को बनाने वाली कंपनी निंटेंडो के साथ सकारात्मक पहलू यह है कि इसके पास जरूरत के मुताबिक संख्या में यूजर्स हैं और उच्च दर्जे की तकनीक भी है। इन दोनों के मेल से ही पोकेमोन जैसी सफल सीरिज बनाई जा सकती है। यह यूजर्स को बांधे रखता है क्योंकि इसमें नएपन और रोमांच की कोई कमी नहीं।