परमवीर चक्र पाने वाले शूरवीर, इन पर पूरा राष्ट्र करता है गर्व

परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है जो दुश्मनों की उपस्थिति में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है। ज्यादातर स्थितियों में यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। इस पुरस्कार की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गई थी जब भारत गणराज्य घोषित हुआ था। भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पुरस्कार के पात्र होते हैं एवं इसे देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के बाद सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समझा जाता है।

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Param Vir Chakra

परमवीर चक्र हासिल करने वाले शूरवीरों में सूबेदार मेजर बन्ना सिंह ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जो कारगिल युद्ध तक जीवित थे। सूबेदार सिंह जम्मू कश्मीर लाइट इनफेन्ट्री के आठवें रेजीमेंट में कार्यरत थे।

1.सोमनाथ शर्माः   भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट की चौथी बटालियन की डेल्टा कंपनी के कंपनी-कमांडर थे जिन्होंने अक्टूबर-नवम्बर, 1947 के भारत-पाक संघर्ष में अपनी वीरता से शत्रु के छक्के छुड़ा दिए। उन्हें भारत सरकार ने मरणोपरान्त परमवीर चक्र से सम्मानित किया। परमवीर चक्र पाने वाले ये प्रथम व्यक्ति हैं।

2.लांस नायक करम सिंहःलांस नायक करम सिंह परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है। इन्हे यह सम्मान सन 1948 मे मिला।

3.सेकेंड लेफ़्टीनेंट राम राघोबा राणेः सेकेंड लेफ़्टीनेंट राम राघोबा राणे परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय सैनिक हैं। इन्हें यह सम्मान सन् 1948 मे मिला था।

4.यदुनाथ सिंहःयदुनाथ सिंह परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है। इन्हे यह सम्मान सन 1948 मे मरणोपरांत मिला।

5.पीरू सिंहःब्रिटिश भारतीय सेना में सैनिक थे। उनका 1947 के भारत-पाक युद्ध में निधन हुआ। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया जो शत्रु के सामने वीरता प्राप्त करने के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च भारतीय सम्मान है।

6.कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया: कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है। इन्हे यह सम्मान सन 1961 मे मरणोपरांत मिला।

7.धनसिंह थापा: धनसिंह थापा परमवीर चक्र से सम्मानित नेपाली मूल के भारतीय व्यक्ति है। इन्हे यह सम्मान सन 1962 मे मिला।

8.सूबेदार जोगिंदर सिंह:सूबेदार जोगिंदर सिंह परमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है। इन्हे यह सम्मान सन 1962 मे मरणोपरांत मिला।

9.मेजर शैतान सिंहः ऊंचे चुशूल क्षेत्र के रेजांगला दर्रे की ऊँची बर्फीली पहाड़ियों पर आसमान के नीचे, सिर पर बिना किसी छत और काम चलाऊ गर्म कपड़े और जूते पहने सर्द हवाओं व गिरती बर्फ के बीच हाथों में हथियार लिये ठिठुरते हुए भारतीय सेना की १३ वीं कुमाऊं रेजीमेंट की सी कम्पनी के १२० जवान अपने सेनानायक मेजर शैतान सिंह भाटी के नेतृत्व में बिना नींद की एक झपकी लिये भारत माता की रक्षार्थ तैनात थे।

10.वीर अब्दुल हमीदः भारतीय सेना के प्रसिद्ध सिपाही थे जिन्होंने अपने सेवा काल में सैन्य सेवा मेडल, समर सेवा मेडल और रक्षा मेडल से सम्मान प्राप्त किया था। 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में असाधारण बहादुरी के लिए महावीर चक्र और परमवीर चक्र प्राप्त हुआ।

11.लेफ्टिनेंट कर्नल ए.बी तारापोरःभारतीय सेना के युद्धकाल के सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र प्राप्त करने वाला प्रथम भारतीय सैनिक है जिन्हें यह सम्मान 1 9 65  के भारत पाकिस्तान युद्ध में फिल्लौर की लड़ाई में अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन करने के लिए मरनोपरांत प्रदान किया गया।

12.अलबर्ट एक्का:अलबर्ट एक्का का जन्म झारखंड के गुमला जिला के डुमरी ब्लाक के जरी गांव में हुआ था।  उन्होंने 1 9 62 के भारत चीन युद्ध में अपने शौर्य का प्रदर्शन किया और युद्ध के बाद उन्हें लांस नायक बना दिया गया था। 1 9 71 के भारत पाकिस्तान युद्ध में अलबर्ट एक्का वीरता, शौर्य और सैनिक हुनर का प्रदर्शन करते हुए अपने इकाई के सैनिकों की रक्षा की थी। इस अभियान के समय वे काफी घायल हो गये और 3 दिसम्बर 1 9 71 में इस दुनिया से विदा हो गई। भारत सरकार ने इनके बलिदान को देखते हुए मरणोपरांत सैनिकों को दिये जाने वाले उच्चतम परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

13.निर्मलजीत सिंह सेखोंःपरमवीर चक्र से सम्मानित भारतीय व्यक्ति है। इन्हें यह सम्मान सन 1971 में मरणोपरांत मिला।  सेखों ने 1971 में पाकिस्तान के विरुद्ध लड़ते हुए उस युद्ध में वीरगति पाई जिसमें भारत विजयी हुआ और पाकिस्तान से टूट कर उसका एक पूर्वी हिस्सा, बांग्लादेश के नाम से स्वतंत्र राष्ट्र बन गया।

14.लेफ्टीनेंट अरुण क्षेत्रपालः  इन्हे यह सम्मान सन 1971 मे मरणोपरांत मिला।

15.मेजर होशियार सिंहः  इन्हें यह सम्मान सन 1971 में मिला।

16.  नायब सूबेदार बन्नाः   इन्हे यह सम्मान सन 1987 में मिला।

17.रामास्वामी परमेश्वरनः   इन्हे यह सम्मान सन  1987 में मिला में मरणोपरांत मिला।

18.मनोज कुमार पांडेयःकारगिल युद्ध में  बहादुरी के लिए उन्हें सेना का सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से अलंकृत किया गया तथा  सन 1999 में  मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

19.ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादवः कारगिल युद्ध के मोर्चे पर दुश्मन के छक्के छुड़ाते हुए अपने प्राणों की बलि देने वाले जवानों की सूची में नित नए नाम जुड़ते गए, जिन्होंने राष्ट्र की उत्कृष्ट शौर्य परम्परा को जीवन्त किया। “हमारे परमवीर’ स्तम्भ के अन्तर्गत हम कुछ ऐसे ही शौर्य के प्रतिमान वीर सपूतों का स्मरण कर रहे हैं। कारगिल युद्ध के बाद भारतीय सेना के चार शूरवीरों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। उन्हीं में एक ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव भी थे।

20.राइफलमैन संजय कुमारः कारगिल की लड़ाई में भारत के 13 जम्मू तथा कश्मीर राइफल्स के जवान राइफलमैन संजय कुमार ने इस युद्ध में जो जो पराक्रम दिखाया वह दुश्मन को उसके मंसूबे में मात दे गया। इन्हें यह सम्मान सन 1999 में मिला।

21.विक्रम बत्राःकैप्टन बत्रा लेफ्टीनेंट को बचाने के लिए पीछे घसीट रहे थे तब उनकी की छाती में गोली लगी और वे “जय माता दी” कहते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।अदम्य साहस और पराक्रम के लिए कैप्टन विक्रम बत्रा को 15 अगस्त 1999 को परमवीर चक्र के सम्मान से नवाजा गया जो उनके पिता जी.एल. बत्रा ने प्राप्त किया।

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