खूबसूरती के लिये लड़कियों के खून से नहाती थी ये रानी,ये दास्ताँ पढ़ कर आप के रौंगटे खड़े हो जाएंगे

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महिलाएं अपनी सुन्दरता को बढ़ाने के लिए कई सारे उपाए करती हैं.. प्राचीन काल में भी महिलाएं खास तरह के सौन्दर्य प्रसाधनों को उपयोग करती थी। अक्सर ये सुनने में आता है कि रानियां विशेष तरह की सौन्दर्य विधि अपनाती थी। कोई दूध से शाही स्नान करती था तो किसी के लिए विशेष तरह के लेप बनाए जाते थे..ये किस्से हमें रोमान्चित भी करते हैं पर अगर कोई आप से कहे कि एक रानी ऐसी भी थी जो खून से नहाती थी तो शायद आप विश्वास नही करेंगे क्योंकि आमतौर पर औरत को भावुक और पुरूषों की अपेक्षा नरम स्वभाव की माना जाता है।

लेकिन आज हम एक ऐसी महिला के बारे में बताने जा रहे है जिसकी क्रूरता के बारे में जानकर आप दंग रह जाएंगे। हंगरी के शाही परिवार से ताल्लुख रखने वाली यह महिला अपनी खूबसूरती बनाए रहने के लिए लड़कियों और महिलाओं को मौत के घाट उतारती थी।

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600 से ज्यादा लड़कियों की खून से नहाया था


यह महिला हंगरी के साम्राज्य में बाथरी परिवार से संबंध रखती थी जिसका नाम एलिजाबेथ था। साल 1585 से 1610 के दौरान एलिजाबेथ ने स्लोवानिया के चास्चिस स्थित अपने महल में करीब 600 से ज्यादा लड़कियों और औरतों को मौत को घाट उतार दिया था। आखिर उसने इतनी लड़कियों को क्यों मार डाला। आप सोच रहे होंगे कि इसकी वजह क्या हो सकती है तो बता दे कि एलिजाबेथ अपनी जवानी बरकरार रखने के लिये कुंवारी लड़कियों के खून से नहाती थी। इस महिला पर खूबसूरत बनने का जूनून इस कदर सवार था कि उसने कत्ल करने से गुरेज नही किया… और एक दो नही 600 से ज्यादा लड़कियों और औरतों को अपने स्वार्थ के लिए बेरहमी से मार डाला।

जेल में हुई थी मौत
एलिजाबेथ ना सिर्फ लड़कियों को मारकर उनके खून से नहाती थी बल्कि लड़कियों की हत्या करने से पहले उनपर बहुत अत्याचार भी करती थी । वो लड़कियों और महिलाओं पर कई तरह के जुल्म ढाती थी। आखिरकार उसके 25 सालों के खौफनाक आतंक के बाद हंगरी के राजा ने उसे गिरफ्तार कर लिया औऱ 21 अगस्त 1614 को कैद के दौरान ही उसकी मौत हो गई।जब उसे गिरफ्तार किया गया था तब उसके महल से अनेक लड़िकयों की विकृत लाशे औऱ कुछ बेड़ियों से जकड़ी जिंदा लड़कियों को बरामद किया गया।

ड्रैकुला उपन्यास लिखा गया


आज एलिजाबेथ बाथरी की मौत के 400 साल पूरे हो चुके हैं। बाथरी के जीवन पर कई किताबें लिखी जा चुकी हैं और कुछ फिल्में भी बन चुकी हैं। ये भी बताया जाता है कि आयरलैंड के उपन्यासकार ब्राम स्टोकर ने बाथरी के विषय से ही प्रेरित होकर 1897 में ड्रैकुला उपन्यास लिखा था।

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