क्या आप जानते है भारतीय रेल 11 तरह की सीटिया बजाती है, कोन सी सीटी है खतरे की घंटी, जानिए इनके मतलब

रेल में तो हम सब ने कई बार सफर किया है और जब भी रेल के बारे में सोचते है तो दिमाग में रेलवे स्टेशन का वो भीड़ भरा दृश्य सामने आ जाता है, वो चाय वाले की आवाजे दिमाग में सुनाई देने लगती है लेकिन कभी आप ने रेल की सीटी पर ध्यान दिया है ? अगर आप ने ध्यान दिया है तो आप को अलग अलग तरह की सीटिया सुनाई दी होगी, सही कहा ना ! क्या आप जानते है ट्रेन में कितनी तरह की सीटिया बजती है और इन सीटियों का मतलब । भारतीय रेल 11 तरह की सीटिया बजाती है, तो आज जानते है इन सीटियों के मतलब……. 

1: जब बजती है एक धीमी सीटी

जब ट्रेन एक धामी सीटी बजाती है तो इसका मतलब होता है कि ट्रेन का केयरटेकर यानि मोटरमैन रेल को वाशिंगलाइन पर ले जा रहा है। वहां ट्रेन को साफ सुथरा करके उसे अगली जर्नी के लिए तैयार किया जाएगा।

2: दो बार सीटी बजने का मतलब

ट्रेन में दो बार सीटी बजने का मतलब होता है कि रेल का मोटरमैन उसे साफ सुथरा कराके अगली जर्नी के लिए तैयार कर चुका है और अब वो ट्रेन को स्‍टेशन पर लाने के लिए ड्राइवर से हरी झंडी यानि सिग्‍नल मांग रहा है।

3: तीन बार सीटी यानि आउट ऑफ कंट्रोल

ट्रेन में 3 बार सीटी बजाने का नौबत कम ही आती है, क्‍योंकि इसका मतलब होता है कि गाड़ी के मोटरमैन ने रेल पर से अपना कंट्रेाल खो दिया है। इसके बाद गाड़ी का गार्ड किसी भी तरह वैक्‍यूम ब्रेक लगाकर उसे रोकने की कोशिश करता है।

4: चार बार सीटी बजना

अगर ट्रेन का ड्राइवर या मोटरमैन चार बार सीटी बजाता है तो उसका मतलब होता है कि ट्रेन में कुछ टेक्‍निकल प्रॉब्‍लम या खराबी हो गई है। इसके बाद ट्रेन को टेक्‍निकल टीम की देखरेख में यार्ड या स्‍टॉप पर ही छोड़ दिया जाता है।

5: एक तेज और एक धीमी आवाज वाली सीटी

जब ट्रेन में एक सीटी देर तक और एक धीमी आवाज में बजाई जाती है तो उसका मतलब होता है कि रेल का मोटरमैन गार्ड को संकेत दे रहा है कि रेल का ‘ब्रेक पाइप सिस्‍टम’ सेट किया जा रहा है और इसके बाद ही ट्रेन को जर्नी के लिए फिट माना जाएगा।

6: दो बाद तेज और दो बार धीमी आवाज वाली सीटी

दो बाद तेज और दो बार धीमी आवाज वाली सीटीसे मोटरमैन गार्ड को संकेत देता है कि रेलगाड़ी पूरी तरह से तैयार है और अब वो आकर इसका कंट्रोल अपने हाथ में ले।

7: लगातार सीटी बजाना यानि  यात्रियों को इशारा

जब ट्रेन का ड्राइवर लगातार कुछ देर तक सीटी बजाता रहता है तो इसका मतलब होता है कि अब यह ट्रेन कई स्‍टेशनों को बिना रुके पार कर जाएगी। यानि कि यात्री अब आराम से बैठें और गाड़ी में ही अपने खान-पान की व्‍यवस्‍था कर लें।

8: दो बार रुक-रुक कर सीटी बजाना

ट्रेन का ड्राइवर चलती गाड़ी में दो बार रुक रुक कर तभी सीटी बजाता है, जब ट्रेन रेलवे क्रॉसिंग से गुजरती है। ये सीटी रेलवे ट्रैक के आसपास खड़े लोगों को सावधान करने के लिए बजाई जाती है।

9: दो बार तेज आवाज फिर धीमी आवाज में सीटी का मतलब

अगर ट्रेन में दो बार तेज आवाज में और फिर धीमी आवाज में सीटी बजती है तो इसका मतलब होता है कि गाड़ी ट्रैक यानि पटरी बदलकर दूसरे ट्रैक पर जा रही है।

10: दो बार धीमी फिर तेज आवाज में सीटी का संकेत

जब दो बार धीमी आवाज में और फिर तेज आवाज में जोर की सीटी बजाई जाती है, तो इसका मतलब है कि किसी पैसेंजर ने चेन खींचकर रेल रोक दी है या फिर किसी खास वजह से ट्रेन का वैक्‍यूम ब्रेक लगाया गया है।

11: रुक- रुक कर 6 बार सीटी यानि खतरे की घंटी

रुक – रुक कर 6 बार सीटी बजे तो जान लीजिए कि ट्रेन किसी खतरे में है। ऐसी सीटी का मतलब होता है कि एलर्ट रहिए क्‍योंकि ट्रेन खतरनाक कंडीशन में है और उसे तत्‍काल सहायता की जरूरत है।

भारतीय रेल की इन 11 तरह की सीटियों के बारे में जानने के बाद अब जब भी आप ट्रेन का सफर करेंगे तो ये आवाजें सुनकर ही आप बहुत कुछ जान जाएंगे। क्‍यों सच है ना!

Add a Comment