महाराणा प्रताप के से जुड़े 15 ऐसे रोचक तथ्य जो आपको आश्चर्य में डाल देंगे …

अगर हम सम्पूर्ण विश्व में शौर्य की तलाश करे और भारत को भूल जाये तो विश्व में शौर्य की गाथाऐ कुछ शेष ही रह जाएँगी ,वैसे ही अगर हम भारत में शौर्य और वीरता की तलाश करे और राजस्थान को भूल जाये तो शौर्य के नाम पर कुछ ही शेष रह जायेगा , और जब राजस्थान में शौर्य और वीरता की बात करे और मेवाड़ को भूल जाये तो राजस्थान में वीरता के नाम पर कुछ ही शेष रह जायेगा , ऐसी वीरभूमि मेवाड़ में जन्मे महाराणा प्रताप अतुलित बलवान और साहसी पुरुष थे | आज मेवाड़ को पूरी दुनिया में केवल महाराणा प्रताप के कारण ही जाना जाता है | महाराणा प्रताप का नाम सुनते ही मुग़ल कांपने लगते थे | एक महावीर प्रतापी राजा जी कभी भी किसी के आगे नही झुका, ऐसे महाराणा प्रताप की गाथा आने वाली हजारो सदिया याद रखेगी | ऐसे वीर राजा के बारे में कुछ रोचक बाते आज हम आपको बताने जा रहे है …….

1. महाराणा प्रताप को बचपन में कीका के नाम से पुकारा जाता था, राणा उदय सिँह इनके पिता का नाम था|

2. प्रताप का वजन 110 किलो और हाईट 7 फीट 5 इंच थी |

3. प्रताप का भाला 81 किलो का और छाती का कवच का 72 किलो था| उनका भाला, कवच, ढाल और साथ में दो तलवारों का वजन कुल मिलाकर 208 किलो था|

4. प्रताप ने राजनैतिक कारणों की वजह से 11 शादियां की थी|

5. महाराणा प्रताप की तलवार कवच आदि सामान उदयपुर राज घराने के संग्रहालय में आज भी सुरक्षित हैं|

6. अकबर ने राणा प्रताप को कहा था की अगर तुम हमारे आगे झुकते हो तो आधा भारत आप का रहेगा, लेकिन महाराणा प्रताप ने कहा मर जाऊँगा लेकिन मुगलों के आगे सर नहीं जुकाऊंगा |

7. प्रताप का घोड़ा, चेतक बहुत तेजी से दौड़ता था ,चेतक ने हाथी के सिर पर पैर रख दिया था और घायल प्रताप को लेकर 26 फीट लंबे नाले के ऊपर से छलांग लगा कर सुरक्षित सुरक्षित जगह ले गया |

8. अकबर ने एक बार कहा था की अगर महाराणा प्रताप और जयमल मेड़तिया मेरे साथ होते तो हम विश्व विजेता बन जाते|

9. प्रताप ने मायरा की गुफा में घास की रोटी खाकर दिन गुजारे थे|

10. महाराणा प्रताप हमेशा एक म्यान में दो तलवार रखते थे एक अपने लिए और दूसरी निहत्थे दुश्मन के लिए |

11. प्रताप के घोड़े चेतक के सिर पर हाथी का मुखौटा लगाया जाता था, ताकि दूसरी सेना के हाथी भ्रमित रहे |

12. ऐसा माना जाता है कि हल्दीघाटी के युद्ध में न तो अकबर जीत सका और न ही राणा हारे। मुगलों के पास सैन्य शक्ति अधिक थी तो राणा प्रताप के पास जुझारू शक्ति की कोई कमी नहीं थी|

13.आज हल्दी घाटी के युद्ध के 300 साल बाद भी वहां की जमीनो में तलवारे पायी जाती हैं|

14.प्रताप का सेनापति सिर कटने के बाद भी बहुत देर तक लड़ता रहा था|

15.30 सालों तक प्रयास के बाद भी अकबर, प्रताप को बंदी न बना सका, 29 जनवरी 1597 को शिकार दुर्घटना में चोट की वजह से प्रताप की मृत्यु हो गई| राणाप्रताप की मौत की खबर सुनकर अकबर भी रो पड़ा था|

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