आखिर महाभारत के युद्ध में भगवान श्री कृष्ण क्यों खाते थे प्रति दिन मूंगफली ,जानिए महाभारत की अनसुनी सत्य कथा …..

हम सभी भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं को अच्छी तरह से जानते है। वे अपने भक्त की समस्या को दूर करने के लिए कोई लीला रच देते है। ऐसी ही एक रहस्यमयी लीला सामने आती है की महाभारत युद्ध के प्रत्येक दिन भगवान श्री कृष्ण मूंगफली खाते थे फिर युद्ध की ओर प्रस्थान करते थे। ये उनका रोज़ाना का काम था। युद्ध शुरू होने से पहले वे कुछ मूंगफलियां अपने मुंह में डाल लेते थे दरअसल, महाभारत की लड़ाई में श्री कृष्ण के मूंगफली खाने के पीछे एक गहरा रहस्य छिपा हुआ था, जिसे सिर्फ एक ही व्यक्ति जानता था और वे थे उडुपी राज्य के राजा आईये जानते है इस अनोखी कथा के बारे में ……

भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत में क्यों खायी मूंगफली ,गज़ब दुनिया

इस अनोखे रहस्य के पीछे कथा है की जब पांडवों और कौरवों के बीच युद्ध छिड़ा तो दोनों पक्षो ने देश-विदेश के राजाओं को युद्ध में उनकी तरफ से सम्मलित होने के लिए सन्देश भेजा। सूचना मिलते ही अनेक राजा युद्ध में सम्मलित होने पहुंच गए। इनमें से कुछ पांडवों तो कुछ कौरवों की ओर से युद्ध में उतरे। उन राजाओं में से एक राजा ऐसे भी थे जो किसी के पक्ष से न लड़ते हुए भी युद्ध में सम्मलित हुए। वे उडुपी राज्य के राजा थे।

भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत में क्यों खायी मूंगफली ,गज़ब दुनिया

उडुपी राज्य के राजा पांडवों और कौरवों में से किसी के पक्ष से नहीं लड़े। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण से कहा की महाभारत के इस भीषण युद्ध में लाखों योद्धा शामिल होंगे और युद्ध करेंगे परन्तु शाम को युद्ध समाप्त होने के बाद जब ये वापस अपने शिविर में आएंगे तो इन्हें भोजन की आवश्यकता होगी। अतः हे वासुदेव श्री कृष्ण मैं चाहता हूं की मैं पांडव एवम कौरव दोनों पक्षो के सैनिकों के लिए भोजन का प्रबंध करूं।

भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत में क्यों खायी मूंगफली ,गज़ब दुनिया

भगवान श्री कृष्ण राजा की इस बात से बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने राजा उडुपी को आज्ञा दे दी, लेकिन अब राजा उडुपी के सामने एक नई समस्या आ गई। समस्या यह थी की कैसे निश्चित किया जाए की हर दिन युद्ध समाप्त होने के पश्चात सैनिकों के लिए कितना खाना बनाया जाए, क्योकि युद्ध में हर दिन अनेकों सैनिक मारे जाते थे। ऐसे में यदि किसी दिन कम खाना बनाया जाए तो उस दिन सैनिक भूखे मर जाएंगे और जिस दिन यदि खाना ज्यादा बन जाए तो बर्बाद होने पर अन्नपूर्णा का अपमान होगा।

उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के समक्ष जाकर अपनी समस्या रखी। श्री कृष्ण यह सुनकर और उन्होंने इस समस्या को सुलझाने के लिए कहा की महाभारत युद्ध के दौरान हर दिन मैं मूंगफली के कुछ दाने खाऊंगा। मूंगफली के जितने दाने मैं एक दिन में खाऊंगा समझ लेना उतने हजार सैनिक उस दिन युद्ध में मारे जाएंगे। इस तरह भगवान श्री कृष्ण ने राजा उडुपी के सामने एक बहुत बड़ा रहस्य खोलकर रख दिया। कहा जाता है कि जिस कारण से युद्ध में सैनिकों को पर्याप्त भोजन खाने को मिला और एक भी दिन भोजन बर्बाद नहीं हुआ।