गुप्त नवरात्री में 9 दिनों तक किये गए इस गुप्त कार्य से प्रसन्न होती हैं नौदुर्गा, प्राप्त होती है गुप्त सिद्धियाँ

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माघ के महीने में पड़ने वाले भगवती आराधना के नौ दिनों को गुप्त नवरात्र के नाम से जाना जाता है। आज से गोट नवरात्र की शुरुआत हो गयी है। इन दिनों में गोट रूप से भगवान शिव और शक्ति की आरधना का विधान है। चैत्र और शारदीय नवरात्र में नौ दुर्गा की सामान्य रूप से आराधना की जाती है, जबकि गुप्त नवरात्र में माता की आरधना गुप्त रूप से की जाती है। अषाढ़ महीने में जब गुप्त नवरात्री आती है तो वामाचार उपासना से माता को प्रसन्न करते हैं।

माघ महीने में पड़ने वाले गुप्त नवरात्र में शुक्ल पक्ष का ख़ास महत्व होता है। गुप्त नवरात्र ऐसा समय है जब गुप्त सिद्धियाँ पाने के लिए विशेष अनुष्ठान किये जाते हैं। इन उपायों के माध्यम से चमत्कारी शक्तियों का मालिक बना जा सकता है। जो लोग सिद्धि पाना चाहते हैं, उन्हें इस गुप्त नवरात्र में नौ दुर्गा की गुप्त रूप से अवश्य साधना करनी चाहिए। नवदुर्गा को प्रसन्न करने के लिए विधिवत पूजन करना चाहिए।

 
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सबसे पहले गुप्त नवरात्रों की प्रमुख देवी सर्वेश्वर्यकारिणी माता को धूप, दीप और प्रसाद अर्पित करें। रुद्राक्ष की माला का हर समय अपना ही महत्व होता है। रुद्राक्ष की माला का उपयोग हर तरह की पूजा-पाठ में किया जा सकता है। रुद्राक्ष की माला लेकर प्रतिदिन 11 माला “ॐ सर्वेश्वर्यकारिणी देव्यै नमो नमः” मंत्र का जाप करें। इसके बाद माता को पेठे का भोग लगायें। इसके पश्चात् अपनी मनोकामना के अनुसार निचे दिए गए किसी मंत्र का जाप करें। यह काम आप पुरे नौ दिनों तक करते रहें।

दस महाविद्या और कामना मंत्र:

अगर आपको अकाल मृत्यु का भय सटा रहा हो या लम्बी आयु चाहते हों, ग्रह जनित दुष्प्रभाव से मुक्ति पाना चाहते हों, कालसर्प के दुष्प्रभाव से बचना चाहते हों, मांगलिक प्रभाव मुक्ति चाहते हों तो काली की साधना करें।

मंत्र:

क्रीं ह्नीं ह्नुं दक्षिणे कालिके स्वाहा:

इस मंत्र का जाप प्रतिदिन हकीक की माला से नौ माला जाप करें।

उच्च शिक्षा प्राप्ति की कामना हो या तीव्र बुद्धि की चाहत हो, रचनात्मकता पाने के लिए मां तारा की साधना नीले कांच की माला से बारह माला मंत्र जप प्रतिदिन करें।

मंत्र:

ह्नीं स्त्रीं हुम फट

भूमि, भवन, या वाहन सुख की कामना को पूरा करने के लिए माता भुवनेश्वरी देवी की आराधना करें। स्फटिक की माला से निम्न मंत्र का जाप ग्यारह माला प्रतिदिन करें।

मंत्र:

ह्नीं भुवनेश्वरीयै ह्नीं नम:

सुन्दर पति या पत्नी पाने के लिए, शीघ्र विवाह करवाने के लिए, प्रेम में सफलता पाने के लिए मूंगे की माला से पंद्रह माला इस मंत्र का जाप करें।

मंत्र:

ह्नीं भैरवी क्लौं ह्नीं स्वाहा:

खूब सारे धन की प्रोटी, ऋण से मुक्ति और लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए देवी कमला की साधना करें। कमलगट्टे की माला से दस माला प्रतिदिन इस मंत्र का जाप करें।

मंत्र:

हसौ: जगत प्रसुत्तयै स्वाहा:

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