भारत में नहीं बल्कि इस देश में आज भी मोजूद है भगवान राम और सीता से जुड़े स्थान

 राम और सीता – हमारे यहाँ के देवी देवता में राम और सीताजी बहुत महत्व रखते हैं.माता सीता ने जितने दुःख झेलें और भगवान राम होते हुए भी जिस तरह से मर्यादा का पालन करते रहे, उसके लिए पूरी सृष्टि भगवान के चरणों में शीश नवाती है. माता सीता और भगवान राम से जुड़े हर एक तथ्य को हर भारतीय जानना चाहता है और महसूस भी करना चाहता है.

अफसोस माता सीता से जुड़ी बहुत सी चीज़ें जो यहाँ हमारे देश में नहीं हैं वो हमारे पडोसी मुल्क श्रीलंका में हैं.आज हम आपको रामायण काल की राम और सीता से जुडी कुछ ऐसी चीज़ें दिखाएंगे जिन्हें देखते ही आप एक बार फिर से उसी काल में चले जाएंगे.

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सीता टीयर तालाब

इसके नाम से ही ज़ाहिर होता है कि ये सीता जी के आंसुओं से बना है.कैंडी से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित नम्बारा एलिया मार्ग पर एक तालाब मौजूद है, जिसे सीता टियर तालाब कहते हैं. इसके बारे कहा गया है कि बेहद गर्मी के दिनों में जब आसपास के कई तालाब सूख जाते हैं तो भी यह कभी नहीं सूखता. आसपास का पानी तो मीठा है लेकिन इस का पानी आंसुओं जैसा खारा है.कहते हैं कि रावण जब सीता माता को हरण करके ले जा रहा था तो इसमें सीता जी के आंसू गिरे थे. आज भी इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है.

 

पुष्पक विमान स्थल

भारत से ज्यादा चीज़ें लंका में मौजूद हैं.इसका एक कारण यह भी है की माता सीता को रावण वहीँ लेकर गया था.लंका में आज भी कुछ ऐसी जगह मौजूद है जिनका संबंध रामायण काल से माना जाता है.

सिन्हाला शहर में वेरागनटोटा नाम की एक जगह है, जिसका मतलब ‘विमान उतरने की जगह’ होता है। कहते हैं कि यही वो जगह है, जहां रावण का पुष्पक विमान उतरता था.

 

अशोक वाटिका

इसे हर भारतीय याद करता है क्योंकि माता सीता को रावण ने यहीं रखा था.भगवान् राम की याद में माता सीता ने एक पेड़ के नीचे न जानें कितने दिन गुज़ार दिए थे. अशोक वाटिका वो जगह है जहां रावण ने माता सीता को रखा था.

आज इस जगह को सेता एलीया के नाम से जाना जाता है, जो की नूवरा एलिया नामक जगह के पास स्थित है. यहां आज सीता का मंदिर है और पास ही एक झरना भी है.कहते हैं देवी सीता यहां स्नान किया करती थीं. इस झरने के आसपास की चट्टानों पर हनुमान जी के पैरों के निशान भी मिलते हैं.

 

अग्नि परीक्षा

आज भी नारियों को इस तरह की परीक्षा के बारे में कहा जाता है.लोगों का दिमाग इतना बढ़ गया की वो माता सीता की उस अग्नि परीक्षा को आज नारियों की कमजोरी मानते हैं और उन्हें अपनी सच्चाई साबित करने के लिए इसी तरह की कुछ कल्पना करते हैं. यहां की वेलीमड़ा नामक जगह पर डिवाउरूम्पाला मंदिर है. यह वहीं जगह है, जहां माता सीता ने अग्नि परीक्षा दी थी.

स्थानीय लोग इस जगह पर सुनवाई करके, न्याय करने के का काम करते हैं. आज भी इस जगह को देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है. खासतौर पर भारत से लोग इस जगह को देखने ज़रूर जाते हैं.ये है राम और सीता से जुडी चीज़ें – भगवान राम और माता सीता से जुड़ी और भी बहुत सी चीज़ें आपको यहाँ मिलेंगी. आप भी एक बार तो ज़रूर जाएं इस देश.

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