स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी 5 दुर्लभ तस्वीरे , जो आपके लिए बनेगी आदर्श का विषय

विवेकानंद के जीवन से जुड़ी 5 दुर्लभ तस्वीरे , जो आपके लिए बनेगी आदर्श का विषय

स्वामी विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी सन् 1863 को कलकत्ता में एक कुलीन बंगाली परिवार में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रसिद्ध वकील थे | उनकी माता भुवनेश्वरी देवी धार्मिक विचारों की महिला थीं।उनका पूरा समय भगवान शिव की पूजा में व्यतीत होता था। नरेंद्र के माता-पिता के धार्मिक, प्रगतिशील व तर्कसंगत रवैया ने उनकी सोच और व्यक्तित्व को एक नया आकार देने में मदद की। स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति को विदेशों में पहचान दिलाई, साहित्य, इतिहास और आध्यात्म की पूर्ण और अद्भुत जानकारी रखने वाले विवेकानन्द को एक आध्यात्मिक गुरू के रूप में जाना जाता है | वे हमेशा एक ऐसे समाज की कल्पना करते थे,जिसमें धर्म और जाति के आधार पर कोई भेद न हो | 25 साल की कम उम्र में ही नरेन्द्र ने गेरुआ वस्त्र धारण कर लिया, वे संत बन गये ,उसके बाद उन्होंने हमेशा पैदल ही पूरे देश की यात्रा की |

स्वामी विवेकानंद ने सन् 1893 में अमेरिका स्थित शिकागो में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था। उनके भाषण की शुरुआत “मेरे अमरीकी भाइयो एवं बहनों” के साथ करने के कारण उन्हें प्रमुख रूप से जाना जाता है। उनके द्वारा प्रस्तुत संबोधन के इस अनोखे वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था। उनके विचार सुनकर सभी विद्वान हैरान रह गए, अब अमेरिका में हर कोई स्वामी विवेकानंद के विचारों को सुनना चाहता था| तीन वर्ष तक वे अमेरिका में रहेऔर उनके ज्ञान और बोलने की कला को देखते हुए अमेरिकी मीडिया ने उन्हें ‘साइक्लॉनिक हिन्दू’ का नाम दिया| भारत की आध्यात्मिकता और वेदान्त का दर्शन अमेरिका और यूरोप के प्रत्येक देश में स्वामी विवेकानन्द द्वारा ही पहुँचा। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना कार्य पूरी निष्ठा से कर रहा है। वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे।

1.एक संत के रूप में भारत भ्रमण के दौरान स्वामी विवेकानंद की ये प्रथम तस्वीर है| जयपुर, 1888 

2.पूज्यश्रीमती भुवनेश्वरी देवी (1841-1911), स्वामी विवेकानंद की माताजी

3.दक्षिण पासाडेना, केलिफोर्निया , जनवरी 1900दक्षिण केलिफोर्निया  की वेदांता सोसाइटी के अनुसार, स्वामी विवेकानंद की छाते के साथ यह तस्वीर दक्षिण पासाडेना के Montery रोड पर ली गई थी| स्वामी विवेकानंद के पीछे का यह घर और पेड़ अब  नही हैं| इस तस्वीर में स्वामीजी के पीछे घर का एक छोटा-सा हिस्सा दिखाई ही दे रहा है, लेकिन स्वामी रिताजनंदा की किताब स्वामी तुरियानंद में घर को पूरा देखा जा सकता है| इस घर को अब विवेकानंद हाउस के नाम से जाना जाता है|इस घर को 1955 में एक श्रद्धालु ने खरीदा था फिर इसे दक्षिण केलिफोर्निया की वेदांता सोसाइटी को दान कर दिया था| 1989 में विवेकानंद हाउज़ को आधिकारिक रूप से ऐतिहासिक लैंडमार्क घोषित किया गया|

4.अलामेडा, केलिफोर्निया , अप्रैल 1900

स्वामी विवेकानंद , गज़ब दुनिया

5.अमेरिका के शिकागो में धार्मिक गुरुओं के साथ मौजूद स्वामी विवेकानंद, 1893

स्वामी विवेकानंद , गज़ब दुनिया

स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका में रामकृष्ण मिशन की कई शाखाएं स्थापित की, उनका विश्वास था कि हिंदुस्तान की भूमि धर्म एवं प्रेम की भूमि है, यहां बड़े-बड़े महात्माओं व ऋषियों का जन्म हुआ, यही संन्यास एवं त्याग की भूमि है| 4 जुलाई 1902 को महज 39 साल की उम्र में बेलूर मठ, बंगाल रियासत में उन्होंने अपना देह त्याग दिया | ऐसे महान संत का भारतभूमि पर जन्म लेना ही हमारे लिए प्रेरणा का विषय है |

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