ललित मोदी और विजय माल्या ने जारी किया बयान : कहा भारत छोड़ो आन्दोलन से जोड़ कर हमे नहीं देखा जाये

लपेटो/लंदन : भारत छोड़ो आन्दोलन के 75 साल पूरा होने पर पुरे देश में अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से उन यादों को फिर से ताजा किया जा रहा है । लेकिन आज कल सोशल मीडिया पर ज्ञान बाटने वाले कुछ ज्यादा ही लोग है, जो 24 घंटे फ्री में ज्ञान के नाम पर झुठी अफवाह फैलाने से बाज़ नहीं आ रहे हैं।

सोशल मीडिया पर कुछ लोग ये अफवाह फैला रहे है की “विजय माल्या और ललित मोदी, जिस दिन भारत छोड़कर भागे थे, उसी दिन की याद में भारत छोड़ो आन्दोलन पर्व मनाया जा रहा है।” चूँकि, ये दोनों भी रातों-रात भारत छोड़कर भाग गए थे । ये तो कुछ भी नहीं फिर मैसेज के लास्ट में ये भी लिखा था  की इस मैसेज को आग की तरह फैला दो, तो फिर देर किस बात की हमारे भाई जो दिन भर फ्रीज की तरह व्हाट्सएप्प चेक करते है वो इस काम को पूरी ईमानदारी के साथ करने में लग रहे है ।

भारत छोड़ो आन्दोलन में जिन लोगो ने सहयोग किया उनके एहसान कभी भुलाये नहीं जा सकते है तो वही इन दोनों ने भारत छोड़कर जो एहसान हम पर किया है उसे भी भुलाया नहीं जा सकता। में तो कहता हु की इन दोनों को भारत छोड़ो आन्दोलन का ब्रांड एंबेसडर बना देना चाहिए।

वहीँ, विजय माल्या और ललित मोदी ने अपने फेकबुक अकाउंट पर इन खबरों का सिरे से खंडन किया है और इन्हें बेबुनियाद बताया है ।

लंदन में दोनों ने चंदा लेकर एक फाइव स्टार होटल में प्रेस कांफ्रेंस की जिसमे उन्होंने कहा की “भारत छोड़ो आन्दोलन से हमारा कोई लेना देना नहीं है और इससे जोड़ कर हमें नहीं देखा जाये । हाँ, ये बात सच है कि हमने भी भारत छोड़ा है, लेकिन हम अंग्रेज नहीं है हम तो आप के अपने हैं, इसका आजादी की लड़ाई से कोई संबंध नहीं है। उस वक़्त तो हम पैदा भी नहीं हुए थे, इसलिए हमारी अपील है कि इंडिया के लोग ऐसी अफवाहों पर यकीन ना करें!” आगे उन्होंने 15 अगस्त को ध्यान में रखते हुए आजादी पर अपने विचार व्यक्त किये और बैंक वालो पर जम कर हमला बोला  ‘ तुम लोग मुझ पर दोगुना लगान लगाते हो! इसलिए मैं तुम लोगों से आज़ादी चाहता हूँ! मैं चाहता हूँ कि किसी को बैंक लोन चुकाना ना पड़े। अदालत बुलाये तो भी किसी को जाना ना पड़े। हर कोई मैदान में बैठकर चैन से मैच देख सके, और कोई किसी को भी ‘चोर’ ना कहे। यही है असली आजादी। फिर मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है, मुझे भी ये सब चाइये इसलिए मुझे भारत छोड़ना पड़ा!

विजय माल्या और ललित मोदी के लिए एक राहत की खबर है, आज PMO ने भी इस खबर की पुष्टि की है कि इन दोनों का भारत छोड़ो आन्दोलन से कोई लेना देना नहीं है बस भारत को कुछ पैसा जरुर लेना है ।

डिसक्लेमरः इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है। यह मजाक है और किसी को आहत करना इसका मकसद नहीं है।

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