जानें पेड़ों के बारे में 8 अनजान बातें, खोने पर रास्‍ता भी दिखाते हैं

हर साल जुलाई के पहले हफ्ते में भारत सरकार द्वारा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देने के लिए वन महोत्सव आयोजित किया जाता है। दुनिया भर में ग्‍लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रण रखने के लिए वृक्ष लगाने पर जोर दिया जाता।


आखिर पौधे में ऐसा क्‍या खास है जो विश्‍व में इनके संरक्षण पर जोर दिया जाता है। दरसल ये पेड़ ही हैं जो हमारे आसपास के वातारण को शुद्ध रखते हैं और वातावरण को जीवन के लिए अनुकूल बनाते हैं। आइये इस खास मौके पर जानें पेड़ों के बारे में कुछ अनजानी बातें।

वातावरण में बनाते हैं ऑक्‍सीजन और कॉर्बन का संतुलन

एक पूर्ण विकसित पेड़ एक साल में 22.7 किलोग्राम यानि करीब 50 पॉण्‍ड कॉर्बन अब्‍जार्व करता है। करीब इतना ही कॉर्बन एक कार 41,500 किलोमीटर तक चलने में पेदा करती है। यही पेड़ प्रति वर्ष करीब 2,721 किलाग्राम ऑक्‍सीजन उत्‍पन्‍न करता है जो दो व्‍यक्‍तियों के लिए सरवाइव करने के लिए पर्याप्‍त होती है। एक शोध के अनुसार पेड़ों के बढ़ने की गति तेज होती है और समय के साथ उनकी कॉर्बन सोखने और फोटोसेंथिसिस करने की क्षमता भी बढ़ती जाती है।

वन्‍य जीवन के लिए उपयोगी

हम सभी जानते हैं कि पेड़ वन्‍य जीवन के लिए अत्‍यंत उपयोगी होते हैं, परंतु क्‍या आप जानते हैं कि कितने उपयोगी होते हैं। इसे एक उदाहरण से समझिये एक इंग्‍लिश ओक ऑक्‍सीजन और बॉर्बन के संतुलन के अलावा हजारों कीटों और उसकी अति सूक्ष्‍म प्रजातियों को पालता है। एक ओक का पेड़ करीब 284 इंन्‍सेक्‍टस और 324 टैक्‍सा को सर्पोट करता है जिससे कई चिड़यों और स्‍तनघारियों को भोजन प्राप्‍त होता है और प्रकृति में संतुलन स्‍थापित होता है। इसके अलावा इससे कई शाकाहारी वन्‍य जीवों को भोजन मिलता है जिसकी वजह से मांसाहारी पशु भी आदमखोर नहीं बनते। यानि एक पूरी जीवन की चेन चलती है।

पेड़ों से बचती है बिजली


जीहां जिन घरों के आसपास पेड़ों की घनी छाया होती है उनके घरों में एसी कम बिजली में ज्‍यादा कूलिंग करते है। इसके अलावा छाया और उमस और घुटन से भी राहत मिलती है। पेड़ों से भरे इलाके के घरों में एसी करीब 37 प्रतिशत तक बिजली बचाते हैं।

कैलिफोर्नियन रेडवुड हैं सबसे विशाल पेड़
विश्‍व के सबसे विशाल वृक्ष कैलिफार्निया के जंगल में पाये जाते हैं जिन्‍हे कैलिफोर्नियन रेडवुड या Wellingtonia कहा जाता है। यहां पर कुछ पेड़ तो 115.7 मीटर तक लंबे होते हैं।

खोने पर रास्‍ता भी दिखाते हैं

अगर आप कहीं रास्‍ता भटक जायें और कम्‍पास भी ना हो तो चिंता ना करें पेड़ इसमें भी सहायता करते हैं। आप कटे हुए पेड़ के तने पर बने रिंग्‍स से रास्‍ता खोजें। ये रिंग उत्‍तर की ओर गहरे और दक्षिण की ओर हल्‍के होते हैं।

डायनासोर के खत्‍म होने के पीछे भी पेड़

एक विश्‍वास के अनुसार डायनासोर के लुप्‍त होने के पीछे भी पेड़ों का हाथ है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि क्‍लाइमेट चेंज के चलते पेड़ों के तेजी से हुए विकास के चलते डायनासोर अपनी डाइट के साथ सामंजस्‍य नहीं बैठा पाये और पाचन संबधी समस्‍याओं के कारण विलुप्‍त होते गए।

आत्‍मरक्षा और संवाद स्‍थापित करने की कला भी सिखाते हैं पेड़


जब पेड़ों पर इंसेक्‍टस या और कोई हमला करता है तो वो तुरंत आत्‍मरक्षा के लिए एक खास किस्‍म का रसायन उत्‍सर्जित करने लगते ळें। पेड़ों की आत्‍मरक्षा प्रणाली काफी सशक्‍त होती है जो इंसानों को सीखनी चाहिए। उसी तरह जैसे ही एक वृक्ष पर हमला होता है आसपास के वृक्षों तक सूचना पहुंच जाती है और वो भी अपनी सुरक्षा प्रणाली को मजबूत कर लेता है। इस तरह से पेड़ों की संवाद प्रेशनियता भी काफी मजबूत होती है।

सबसे प्रचीन हैं पेड़

एक मान्‍यता के अनुसार वृक्ष दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित वस्‍तु हैं। कुछ पेड़ तो 80,000 साल तक पुराने हैं। स्‍पेन की पंडो कॉलोनी में प्राचीनतम वृक्ष पाये जाते हैं।