इन राशियों वाले जातकों की होगी बल्ले-बल्ले, करेंगे अगर ये उपाय

जो कुछ भी किस्मत में लिखा है उसे मिटाना आसान नहीं लेकिन ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार कुछ राशिवार उपाय करने और अपने कार्य व्यवहार पर नियंत्रण रखने से कई अनचाहे विवाद और कलह टाले जा सकते हैं। शिवपुराण के अनुसार अगर राशियों के अनुसार कुछ खास काम करें तो बुरे दिन भी अच्छे दिनों में बदलने लगेंगे।

मेष: यदि आपकी मेष राशि है तो आपको शीघ्र क्रोध, अचानक विचारों में परिवर्तन, अनियंत्रण, धार्मिक आस्थाओं अंधभक्ति से बचना चाहिए।

वृष: इस राशि के जातकों को आलस्य, स्वार्थ व कामुकता, भौतिकवादी, क्रोध आदि से बचना चाहिए। ये सभी आदतें आपकी छवि को बिगाड़ सकती हैं।

मिथुन: आपको वाचालता, विविधता, दो काम एक साथ करने की आदत, एकाग्रता का अभाव, शीघ्र निर्णय की कमी, किसी चीज का शीघ्र परिणाम जानने की चिंता नुकसान दे सकती है। कर्क : आपको अहम्, खुशामद पसंद, अपनी प्रशंसा करना, दूसरों पर छाने की प्रवृत्ति, क्रोध, अपने को अधिक समझदार समझना, अधीनस्थता स्वीकार न करना, जिद्दी प्रवृत्ति से बचना चाहिए।

सिंह: इस राशि के जातकों को चुगलखोरी, झूठ और अतिरिक्त चतुराई दिखाने और कमीशनखोरी से बचना चाहिए।

कन्या: दूसरों में कमी निकालना, आलोचना करना, अधीरता, संदेह, अत्यधिक विश्लेषण करना, अनावश्यक धन व्यय करने से बचना चाहिए। तुला: आपको कई बार शीघ्र निर्णय न करने पर हानि, स्त्री पक्ष का अधिक हित सोचने से गलतफहमी, सौंदर्य पर अधिक व्यय कर्ता, त्यागी प्रवृत्ति नुकसानदेय होगी इनसे बचना चाहिए।

वृश्चिक: यदि आपकी वृश्चिक राशि है तो आपको क्रोध, प्रतिशोध व व्यंग्यात्मक आलोचना, अवसरवादिता व आत्म प्रशंसा से बचना चाहिए।

धनु: आप वाचालता और लगातार संभाषण से बचें। आपको कठोर व व्यंग्य वचन बोलकर किसी को अपमानित करने से बचना चाहिए। मकर: यदि आपकी मकर राशि है तो आपको आत्मप्रशंसा, दिखावा और भावहीनता, स्वार्थपरता, अधीरता, अधिक और अनर्गल बोलने से अपकीर्ति हो सकती है।

कुंभ: इन जातकों को स्वयं के स्वभाव में परिवर्तन करना आवश्यक है। ये सक्रियता एवं शीघ्रता विकसित करें, एकांतवास से बचें। उदासी एवं निराशा से बचें। जिन्हें पसंद नहीं करते, उनके प्रति कठोर न बनें।

मीन: यदि आपकी मीन राशि है तो आपको अनिश्चित विचार और अदृढ़ संकल्प में पड़कर बहुत सा समय हाथ से निकलने की आदत, अपव्यय से बचना चाहिए। साथ ही प्रसिद्धि व यश को बरकरार रखने के लिए भावनाओं में बहने से बचना चाहिए।

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