जॉन केल्विन के अनमोल विचार

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प्रोटेस्टेन्ट सुधार काल के फ़्रांस के दार्शनिक व धर्मशास्त्री थे। ईसाई थिओलॉजी में उनके विचार अहम माने जाते है, जिसे केल्विनिजम के नाम से भी जाना जाता है। कुछ मामलों में वे आगस्ट के विचारों से प्रभावित रहे।

जॉन केल्विन के अनमोल विचार

1: जब मालिक पर हमला होता है तो श्वान भी भौंकता है। अगर मेरे मालिक, मेरे ईश्वर या मेरे भरोसे पर हमला हो जाता है और मैं खामोश बना रहता हूं तो मैं डरपोक हूं।

2: जब हमारी उम्मीदें छोटी हों तो हमें ईश्वर से कहना चाहिए कि उन्हें बढ़ा कर दे। जब शांत हों तो जागृत करने का कहना चाहिए। जब उम्मीदें ढुलमुल हों तो पक्का और जब कमजोर हों तो उन्हें मजबूत करने का कहना चाहिए। जब उम्मीदें टूट गई हो तो ईश्वर से कहें कि उन्हें फिर से जोड़ दें।

3: प्रकृति की हर चीज अनोखी है, ताकतवर है। घास का एक कतरा, पौधे का एक अंकुर या फिर दुनिया का कोई भी रंग ऐसा नहीं है जो हमें प्रसन्नता से न भर सकता हो।

4: अपनी बुद्धि को परखना हो, समझना चाहते हों और जानना चाहते हों कि यह कितनी गहरी और उपयोगी है तो सबसे अच्छा तरीका यह है कि अपने मन में झांककर देखें कि आपका आत्मविश्वास कितना दृढ़ है।

5: मन का संताप और पीड़ा किसी भी व्यक्ति के लिए नरक के समान है।

6: ईश्वर की ताकत के बिना हम कुछ नहीं कर सकते। वही हमें इच्छा शक्ति देता है, वही ताकत देता है। उसी की ताजब मालिक पर हमला होता है तो श्वान भी भौंकता है। अगर मेरे मालिक, मेरे ईश्वर या मेरे भरोसे पर हमला हो जाता है और मैं खामोश बना रहता हूं तो मैं डरपोक हूं। कत से सबकुछ चल रहा है।

7: असली भरोसा कहीं नहीं होता, इसी का नतीजा है कि हम सभी आंशिक रूप से नास्तिक होते हैं।

8: जब ईश्वर को किसी राष्ट्र की परीक्षा लेनी होती है तो वह उसे दुष्ट और बुरा शासक दे देता है।

9: यह अहम बात है कि जैसे पेड़ को उसके फलों से पहचाना जाता है, वैसे ही बूढ़े आदमी को समाज में उसकी प्रतिष्ठा से जाना जाता है।

10: सम्पूर्ण आनंद तक पहुंचने के लिए सबसे बड़ी परेशानियों से गुजरना पड़ता है।

11: इंसान जब समृद्ध हो जाता है तो गरीबी की तुलना में ज्यादा संकट में होता है। जब सब कुछ आसानी से हो रहा होता है तो वह झूठी तारीफ और गलतफहमी में पड़ जाता है। जबकि संघर्ष और संकट हमेशा सतर्क बनाए रखता है।

12: कोई इंसान कैसा भी हो- अच्छा या बुरा। हमें उससे प्रेम करना चाहिए। क्योंकि हम ईश्वर से प्रेम करते हैं और इंसान उसी की रचना है।

13: सच्चे ज्ञान में दो चीजें होती हैं ईश्वर को जानना और स्वयं को जानना। ऐसा ज्ञान किसी काम का नहीं जो ईश्वर को, सत्य को न जानता हो या जानने में मदद न करता हो।

14: हम ईश्वर से बहुत कुछ पाने की, बहुत-से आशीर्वादों की उम्मीद करते हैं और उसकी अनंत उदारता हमेशा हमारे विचारों और इच्छाओं को पूरा करती है।

Title: John Calvin Quotes and Thoughts in Hindi
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