ये पक्षी केवल स्वाति नक्षत्र की बूंदों से ही अपनी प्यास बुझाता है

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चातक एक पक्षी है। इसके सिर पर चोटीनुमा रचना होती है। भारतीय साहित्य में इसके बारे में ऐसा माना जाता है कि यह वर्षा की पहली बूंदों को ही पीता है। अगर यह पक्षी बहुत प्यासा है और इसे एक साफ़ पानी की झील में डाल दिया जाए तब भी यह पानी नहीं पिएगा और अपनी चोंच बंद कर लेगा ताकि झील का पानी इसके मुहं में न जा सके। यह पक्षी मुख्यतः एशिया और अफ्रीका महाद्वीप पर पाया जाता है। इसे मारवाडी भाषा मेँ ‘मेकेवा’ कहा जाता हैँ|



चातक ( Jacobin Cuckoo) कुक्कू कुल का प्रसिद्ध पक्षी है, जो अपनी चोटी के कारण इस कुल के अन्य सब पक्षियों से अलग रहता है।
चातक लगभग 15 इंच लंबा काले रंग का पक्षी है, जिसका निचला भाग श्वेत रहता है।
इसके स्वाति नक्षत्र में होने वाली वर्षा की सिर्फ पहली बूंदों को ही पीता है। यह कथा केवल साहित्य की मान्यता है, वास्तविकता इसमें कुल भी नहीं है।
अपने कुल के कोयल, पपीहा , कुक्कू, काफल पाक्को, फूपूआदि पक्षियों की तरह इसकी मादा भी दूसरी चिड़ियों के घोसलों में अपना एक-एक अंडा रख आती है।
इस कुल के पक्षी संसार के प्राय: सभी गरम देशों में पाए जाते हैं। इन पक्षियों की पहली और चौथी उँगलियाँ पीछे की ओर मुड़ी रहती हैं।
चातक का मुख्य भोजन कीड़े मकोड़े और इल्लियाँ हैं।


दुर्लभ चित्र:-

चातक पक्षी बारीश का बेसब्री से इंतजार करता हुआ!! क्या आपने देखी है ऐसी तस्वीर चातक की कभी? ये केवल स्वाति नक्षत्र की बूंदों से ही अपनी प्यास बुझाता है। (photo credit : Rudra Soni)



source : bharatdiscovery.org, wikipedia.org

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