इश्क़ और दोस्ती शायरी …..

दोस्ती चेहरे की मीठी मुस्कान होती है,
दोस्ती सुख दुःख की पहचान होती है,
रूठ भी जाये हम तो दिल से मत लगाना,
क्योंकि दोस्ती थोड़ी सी नादान होती है।

कही अँधेरा तो कहीं शाम होगी,
मेरी हर ख़ुशी आपके नाम होगी,
कुछ माँग कर तो देखो…दोस्त…
होंठों पर हँसी और हथेली पर मेरी जान होगी।

दर्द था दिल में पर जताया कभी नहीं,
आँसू थे आँखो में पर दिखाया कभी नहीं,
यही फ़र्क है दोस्ती और प्यार में,
इश्क़ ने हँसाया कभी नहीं…
और दोस्तों ने रुलाया कभी नहीं।

महफ़िल में कुछ तो सुनाना पड़ता है,
ग़म छुपाकर मुस्कराना पड़ता है,
कभी हम भी थे उनके दोस्त…
आजकल उन्हें याद दिलाना पड़ता है।

दोस्ती में किसी का इम्तिहान न लेना,
निभा न सको वो किसी को वादा न देना,
जिसे तुम बिन जीने की आदत न हो,
उसे जिन्दगी जीने की दुआ न देना।

महफ़िल में कुछ तो सुनाना पड़ता है,
ग़म छुपाकर मुस्कराना पड़ता है,
कभी हम भी थे उनके दोस्त…
आजकल उन्हें याद दिलाना पड़ता है।

दोस्ती में किसी का इम्तिहान न लेना,
निभा न सको वो किसी को वादा न देना,
जिसे तुम बिन जीने की आदत न हो,
उसे जिन्दगी जीने की दुआ न देना।