एफिल टाॅवर के बारे में रोचक जानकारी

फ्रांस की राजधानी पैरिस में स्थित एक लौह टाॅवर है। 31 मार्च 1889 को इसे आम लोगों के लिए पहली बार खोला गया था। जिस प्रकार अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर ताज महल भारत की पहचान है, वैसे ही एफ़िल टॉवर फ़्रांस की पहचान है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह टॉवर पर्यटकों द्वारा टिकट खरीद के देखी गई दुनिया की इमारतों में अव्वल स्थान पर है। आइए जानते है एफिल टाॅवर के बारे में कुछ रोचक तथ्य :

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1. एफ़िल टॉवर की रचना गुस्ताव एफ़िल के द्वारा की गई है और उन्हीं के नाम पर एफ़िल टॉवर का नामकरण हुआ है।

2. एफिल टाॅवर मेटल से बना हुआ है इसलिए यह सर्दियो में 6 इंच तक सिकुड़ जाता है।

3. अपने निर्माण के 41 सालों तक यह आदमी के द्वारा बनाया गया सबसे ऊंचा टावर था। जबकि 1930 में न्यूयॉर्क के क्रिसलर बिल्डिंग ने इसकी जगह ले ली।

4. एफिल टाॅवर को अब तक कुल 25 करोड़ लोग देख चुके हैं। और हर साल इसे देखने के लिए 70 लाख लोग आते है।

5. इसे 1889 में फ्रांस की क्रांति के 100 साल पूरे होने के मौके पर बनाया गया था।

6. एफिल टाॅवर पर 10 हाथियो के वजन के बराबर पेंट किया जाता है।

7. अगर आज के समय में Eiffel Tower को बनाया जाता तो इस पर 31 मिलियन डाॅलर का खर्च आता।

8. हर रात को अंधेरा होने के बाद १ बजे तक (और गर्मियों में २ बजे तक) एफ़िल टावर को रोशन किया जाता है ताकि दूर से भी टाॅवर दिख सके।

9. एफिल टावर की ऊंचाई 300 मीटर यानी 984 फीट है। हालांकि इसके एंटीना की लंबाई जोड़ने पर यह 334 मीटर हो जाता है।

10. आज की तारीख में टॉवर की ऊँचाई 324 मीटर है, जो की पारंपरिक 81 मंज़िला इमारत की ऊँचाई के बराबर है।

11. एफ़िल टावर एक वर्ग में बना हुआ है जिसके हर किनारे की लंबाई 125 मीटर है। 116 ऐटेना समेत टावर की ऊँचाई 324 मीटर है और समुद्र तट से 33,5 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

12. टावर के चारों स्तंभ चार प्रमुख दिशाओं में बने हुए हैं और उन्हीं दिशाओं के अनुसार स्तंभों का नामकरण किया गया है जैसे कि ः उत्तर स्तंभ, दक्षिण स्तंभ, पूरब स्तंभ और पश्चिम स्तंभ।

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