किचन में हल्‍की-हल्‍की रोशनी थी और अराधना मीठी सी आवाज में कुछ गुनगुना रही थी…

किचन में हल्‍की-हल्‍की रौशनी थी और अराधना मीठी सी आवाज में कुछ गुनगुना रही थी। उसकी मीठी आवाज में नल से टपकता पानी खलल डाल रहा था। वो हल्‍की नींद में थी क्‍योंकि सुबह 6 बजे के अलार्म ने उसे जगा दिया था। उसने जब स्‍वाइप कर अलार्म बंद करने की कोशिश की तो फोन पर दूसरी तरफ से आवाज आइ ‘हैलो’। जी हां क्‍योंकि जिस चीज से अराधना की नींद खुली थी वो अलार्म नहीं बल्‍कि फोन था।

मैं 8 बजे स्‍टॉप पर मिलूंगी

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फोन पर सुलक्षणा थी। सुलक्षणा ने अराधना से कहा, मैं 8 बजे स्‍टॉप पर मिलूंगी। अराधना को आवाज साफ नहीं सुनाई दी तो उसने कहा ‘तुम्‍हारी आवाज ब्रेक हो रही है। कैब में मिलते हैं फिर बात करते हैं। आके…’ बाहर अभी अंधेरा था लेकिन, सफेद रौशनी की एक पट्टी सड़क पर जल रही लाइट से किचन में गिर रही थी। वैसे सुबह 6 बजे बाहर की बत्तियां बंद हो जाती थीं। मगर सर्दियों की धुंध में उन्हें देर तक जलाए रखा जाता था। एक महीने पहले ही सामने वाली सड़क पर क्राइम हुआ था। आराधना की तरह वो युवा लड़की भी कॉल सेंटर में काम करती थी। एक बार देर रात की शिफ्ट कर अपने कमरे में लौटते वक्‍त रात 2 बजे मोटरसाइकिल से आए दो लड़कों ने उसका यौन शोषण किया था। उसके तुरंत बाद ही वो अपने घर कानपुर के लिए निकल गई थी।

ब्रेकअप के बाद से अकेली रहना चाहती थी अराधना

आराधना अपने बिस्तर पर चाय के कप के साथ वापस आई और अपना फोन स्क्रॉल करने लगी। उसके फोन में कुछ मिस्ड कॉल थीं। कुछ उसके साथ काम करने वाले ऑफिसमेट्स की, दो चंदौली में रहने वाले भाई की और एक उसकी बेंगलुरू में रहने वाली दोस्‍त अनामिका की जो उसे नई नौकरी खोजने में मदद कर रही थी ताकि वो नोएडा से निकल सके। कैब में जाते वक्‍त अराधना सभी मिस्‍ड कॉल्‍स पर कॉलबैक करती थी। लेकिन मनीष से ब्रेकअप के बाद उसका किसी से बात करने का जी नहीं करता था। वो अकेली रहना चाहती थी, अपनी सारी एनर्जी बचाकर अपने दिमाग को खाली रखना चाहती थी। वो मनीष में अपना दिमाग नहीं लगाना चाहती थी क्‍योंकि उसके पास जिम्‍मेदारियां थीं। उसे अगले महीने का किराया भरने के बारे में सोचना था, अपनी मां के लिए इंश्योरेंस लेना था।

तुमने उसे VIDEO क्‍यों बनाने दिया

8 बजे अराधना स्‍टॉप पर पहुंची जहां उसके ऑफिस की कैब उसका इंतजार कर रही थी। सुलक्षणा का पिकअप पहले होता था इसलिए वो पहले से ही कैब में मौजूद थी। अराधना जैसे ही कैब में बैठी सुलक्षणा ने धीरे से उसके कान में कहा, ‘तुमने उसे वीडियो क्‍यों बनाने दिया?’ अराधना को कुछ समझ नहीं आया और वो सुलक्षण से पूछ बैठी ‘क्‍या और कैसा वीडियो, और मैंने किसे वीडियो बनाने दिया यार…।

अपने नग्‍न शरीर को देखकर अराधना सन्‍न रह गई

अराधना का रिएक्‍शन देखकर सुलक्षण ने उसका हाथ कस के दबाया और कहा ‘अब चुप रहना और रिएक्‍ट मत करना। ये देखो वीडियो’। सुलक्षणा ने फोन म्‍यूट कर दिया और व्‍हाट्सऐप पर वीडियो प्‍ले कर दिया। इस वीडियो को ऑफिस में ही काम करने वाले शशांक नाम के एक लड़के ने सुलक्षणा को भेजा था। वीडियो देखने के बाद अराधना सन्‍न रह गई। पहले तो उसे लगा कि यह किसी तरह का स्‍पैम है लेकिन जैसे-जैसे वो आगे बढ़ती गई उसका दिल बैठता गया। अपने नग्‍न बदन को देखकर उस वक्‍त अराधना को घिन्‍न आ रही थी। कैब जैसे ही अलगे पिकअप प्‍वाइंट पर पहुंचा अराधना और सुलक्षणा कैब से उतर गए और घर के लिए ऑटो ले लिया।

 

थोड़ा फ्लैशबैक में आईए

मनीष ने अराधना को अपने साथ शिफ्ट होने के लिए काफी जिद की थी। अभी 6 महीने ही तो हुए थे दोनों को रिलेशनशिप में। मनीष ने अराधना को मनाने के लिए कहा था- साथ रहने में खर्च बचेंगे, हम एक दूसरे को समय दे सकेंगे। हमारे पास मौका होगा एक दूसरे को जानने-समझने का।’ अराधना को ये बात जायज लगी थीं लेकिन फिक्र थी कि कहीं मां को बुरा लगे। लेकिन अराधना का दूसरा दिमाग उसे यह राय दे रहा था कि अब तुम बड़ी हो चुकी हो, कमाती हो। तो अराधना ने भी मनीष के साथ रहने का फैसला कर लिया। ग्रेटर नोएडा में 1 BHK लिया और दोनों शिफ्ट हो गए। काम भर का सस्ता-मद्दा फर्नीचर भी खरीद लिया।

अराधना को डेबिट कार्ड की तरह यूज़ करने लगा

मनीष एक कॉल सेंटर में इंटरव्‍यू के दौरान मनीष और अराधना की मुलाकात हुई थी। आराधना अब टीम लीडर बन गई थी और मनीष अब भी कॉल सेंटर एग्जीक्यूटिव था। मनीष आराधना का डेबिट कार्ड अपने खर्चों के लिए यूज करने लगा। दोस्तों को बियर पिलाता, गिफ्ट देता। आराधना शुरू में सब बर्दाश्त करती रही लेकिन जल्द ही मनीष के इस बर्ताव से परेशान रहने लगी। उसके बाद शुरु हुआ उत्‍पीड़न का खेल। मनीष ने अराधना को पीटना शुरु कर दिया। कभी वो उसे फ्लैट में लॉक कर चला जाता तो कभी घर के बाहर कर अंदर से लॉक कर लेता। कुछ दिनों तक सहने के बाद अराधना ने मनीष से ब्रेकअप कर लिया।

वायरल हो गया अराधना का वीडियो

अबतक तो फ्लैशबैक था। अब आगे की कहानी आपको बताते हैं। अराधना का फोन लगातार बज रहा था। उसके ऑफिस के फ्रेंड्स और उसके जानने वाले उसे लगातार कॉल कर रहे थे। हर किसी के पास ये वीडियो पहुंच चुका था। अराधना ने शशांक को फोन किया तो पता चला कि मनीष ने ही सभी को यह वीडियो व्‍हाट्सऐप पर भेजा था। उसने बताया कि मनीष ने इस वीडियो को ऑनलाइन भी अपलोड कर चुका है। अराधना ने जब ऑनलाइन चेक किया तो पता चला कि दो दिन पहले ही वीडियो अपलोड किया गया था जिसे करीब 2000 लोगों ने देखा था। काफी विवादों और कानूनी पचड़ों के बाद अराधना अब हैदराबाद शिफ्ट हो रही हैं। उन्‍हें वहां नई नौकरी मिल गई है।

नोट- स्‍टोरी में सभी पात्रों के नाम बदले हुए हैं। यह खबर नेहा दीक्षित ने लिखी है। नेहा एक स्‍वतंत्र पत्रकार हैं 
और राजनीति के साथ-साथ जेंडर एंंड सोशल जस्‍टिस पर लिखती हैं।
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