आधार कार्ड के बिना नहीं हो पाएगा ये काम.. पढ़िये पूरी खबर

वाहन लाइसेंस बनवाने के लिए पहले अंगूठे का निशान देना पड़ता था। यह व्यवस्था परिवहन विभाग द्वारा बंद कर दी गई है। नए बदलाव के साथ भूतल परिवहन मंत्रालय के आदेश पर कंप्यूटर से थंब इंप्रेशन(अंगूठे का निशान) का सॉफ्टवेयर हटा दिया गया है। नई प्रक्रिया के तहत अब आधार कार्ड ही मान्य होगा।

सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में वाहन संचालन के लिए वाहन चालकों को लाइसेंस जारी किए जाते हैं। भारत के मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 3 (1) के अनुसार सड़कों पर मोटर साइकिल, कार, ट्रक या ट्रैक्टर चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी होता है। डीएल बनवाने के लिए आवेदनकर्ता को जिले का स्थायी निवास का प्रमाण पत्र पेश करना होता है।

एआरटीओ पहले लर्निंग लाइसेंस जारी करते हैं जो बनने की तारीख से छह महीने तक वैध रहता है। इसके एक महीने बाद स्थायी डीएल बनवा सकता है। सबसे पहले लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए एआरटीओ ऑफिस में एक फॉर्म भरना होता है।

इस फॉर्म में चार पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ लगाने के साथ ही जन्मतिथि, पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्रों की छाया प्रति भी फॉर्म के साथ जोड़नी पड़ती है। एआरटीओ कार्यालय में संबंधित अधिकारी फॉर्म को चेक करने के बाद आगे की प्रक्रिया के साथ ही कंप्यूटराज्ड मशीन पर अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर करने होते थे।

वाहनों के लाइसेंस बनाने के लिए अब तक कंप्यूटराइज्ड थंब इंप्रेशन देना होता था। लेकिन भूतल परिवहन मंत्रालय के आदेश पर थंब इंप्रेशन के सॉफ्टवेयर को हटा दिया गया है। अब सिर्फ इसमें आधार कार्ड ही देना होगा। जबकि अन्य प्रक्रिया पहले की ही तरह हो रही है।
-नरेश कुमार, एआरटीओ प्रशासन