31 जुलाई पर सरकार ने किया है अलर्ट, भूल कर भी न करें ये गलती

नई दिल्‍ली।  नोटबंदी के दौरान अगर आपने बैंक अकाउंट में कैश जमा कराया है तो अलर्ट हो जाएं। आपको 31 जुलाई तक या इससे पहले इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करते हुए इस अवधि में किए गए कैश डिपॉजिट की जानकारी देनी होगी। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने इसके लिए अखबारों में विज्ञापन जारी किया है। अगर आप इनकम टैक्‍स रिटर्न में कैश डिपॉजिट की सही जानकारी नहीं देते हैं तो आप मुश्किल में फंस सकते हैं।
क्‍लीन मनी ड्राइव में शामिल होने की अपील
इनकम टैक्‍स विभाग ने ब्‍लैक मनी को खत्‍म करने और क्‍लीन मनी ड्राइव में शामिल होने की अपील की है। विज्ञापन में कहा गया है कि 31 जुलाई या इससे पहले आप अपनी इनकम डिक्‍लेयर करके ऐसा कर सकते हैं।
नोटबंदी के दौरान कैश डिपॉजिट की रिटर्न में दें जानकारी
विज्ञापन में कहा गया है कि 9 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2012 के बीच कुल 2 लाख रुपए या इससे अधिक कैश बैंक अकाउंट में जमा किया है तो इनकम टैक्‍स रिटर्न में इसकी जानकारी देना जरूरी है।
इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट जानकारी को करेगा मैच
आपके द्वारा रिटर्न में दी गई जानकारी को इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट अपने पास उपलब्‍ध जानकारी के साथ मैच करेगा। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के पास हर एक बैंक अकाउंट का डाटा है।
नोटबंदी के दौरान जमा की गई राशि का रिटर्न में रखें ध्‍यान
इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने कहा है कि यह सुनिश्चित करें कि आपका इनकम टैक्‍स रिटर्न नोटबंदी के दौरान बैंक अकाउंट में जमा की गई रकम के अनुरूप हो। वहीं, इनकम की गणना करते समय और टैक्‍स का पेमेंट करते समय बैंक अकाउंट में जमा की गई राशि को भी ध्‍यान में रखा जाना चाहिए।
ITRमें डिस्‍क्‍लोज करें कैश डिपॉजिट
ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि आप इनकम टैक्‍स रिटर्न में 9 नवंबर 2016 और 30 दिसंबर 2016 के बीच बैंक अकाउंट में जमा कराए गए कैश डिपॉजिट का सही खुलासा करें।
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