‘मानव मल’ भी काम की चीज़ है, इससे बनता है कोयला ….

इंसान वास्तव में बहुत बुद्धिमान होता है. और इसी वजह से पृथ्वी पर उसका नियंत्रण भी है. वर्तमान में पूरी दुनिया ऊर्जा के नए विकल्पों की तलाश कर रही है. वहीं अफ्रिका के घाना में इंसानी मल से कोयला बनाया जा रहा है. इसकी वजह से पेड़ों की कटाई कम हो रही है. इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है ,जब मानव अपने मल से प्राप्त कोयले द्वारा अपने लिए खाना बना रहे हैं. आइए जानते हैं कि कोयला बनाने के लिए किन-किन प्रक्रियाओं से होकर गुज़रना पड़ता है.


1. शहर के मल- मूत्र के मलबे को ट्रक पर जमा कर इकठ्ठा किया जाता है.


2. ‘स्लैमसन घाना’ नाम की संस्था की कोशिशों की वजह से मल से ईंधन बनाने की शुरूआत की गई है.

3. 40 ट्रक मल से 130 घरों के लिए कोयला बनाया जा सकता है


4. कोयला बनाने की प्रक्रिया

स्लैमसन घाना के संस्थापक फ्रैडरिक सन्नेसन के अनुसार ‘ मल से पानी और सूखे हिस्से को अलग किया जाता है. इसके बाद इस मल को सुखा कर एक बैरल में भर कर जलाया जाता है’. इसे पाउडर बना कर इससे कोयले के ब्लॉक बनाए जाते हैं.
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