हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु विस्फोट के बारे में 15 रहस्य , जानकर चौंक जायेंगे आप

आज तक की सबसे मनहूस घटनाओ में हिरोशिमा और नागासाकी के परमाणु विस्फोट को भी गिना जाता है |द्वितीय विश्व युद्ध के समय 6 अगस्त 1945 की सुबह को सवा आठ बजे अमेरिकी वायु सेना ने जापान के हिरोशिमा शहर पर परमाणु बम “लिटिल बॉय” तथा इसके तीन दिन बाद नागासाकी शहर पर “फ़ैट मैन” परमाणु बम गिराया था | जिससे बहुत सी जन धन की हानि हुयी थी आईये आज हम आपको हिरोशिमा और नागासाकी से जुड़ी कुछ रोचक बाते बताते है ……

1.हिरोशिमा पर गिराए गए बम का नाम “Little Boy” था, इसका वजन करीब 4000 किलो और लंबाई 10 फीट थी|| इसमें यूरेनियिम की कुल मात्रा 65 किलो थी, परन्तु जो विस्फोट हुआ वह सिर्फ 0.7g यूरेनियम की वजह से हुआ|

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2.नागासाकी पर गिराए गए बम का नाम “Fat Man” था| इसका वजन करीब 4500 किलो और लंबाई 11.5 फीट थी| इसमें 6.4 किलो प्लूटोनियम का प्रयोग किया गया था जो यूरेनियम से कही ज्यादा शक्तिशाली था|

3.हिरोशिमा पर बम गिराए जाने का फैसला, बम गिरने से सिर्फ एक घंटा पहले लिया गया था|

4. अमेरिका ने आज तक परमाणु हमलों के लिए जापान से माफी नही मांगी| बराक ओबामा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति है जिसने हमले के 71 साल बाद हिरोशिमा की यात्रा की|

5. नागासाकी पर गिराए जाने वाला बम पहले जापान के कोकुरा शहर पर गिराया जाना था लेकिन उस समय कोकुरा शहर का मौसम साफ नही था और बादल भी घने थे इसलिए अमेरिकी सेना ने बम नागासाकी पर ही गिरा दिया| यही बम क्योटो शहर पर गिराने का भी प्लान बनाया गया था,लेकिन युद्ध के सेक्रेट्री हेनरी स्टिमसन ने इसे बदलवा दिया क्यूंकि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ यहाँ पर हनीमून मनाया था और उनकी कई यादें इस शहर से जुडी हुई थी|

6. हिरोशिमा पर जो बम गिराया गया उसे ले जाने वाले विमान का नाम “Enola Gay” था| इस विमान में साइनाइड की 12 गोलियाँ भी रखी गई थी, ताकि यदि मिशन फेल हो जाता है तो सारे ऑफिसर उन्हें खा लें| जिस विमान से दूसरा बम गिराया गया उसका नाम “Bockscar” था|

7. बम गिरने की वजह से हिरोशिमा और नागासाकी के करीब 2,46,000 लोग मारे गए थे| लगभग 1 लाख लोग तो बम गिरते ही मारे गए थे और बाकी के अगले कुछ सालों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से मर गए|

8. हिरोशिमा हमले के समय बम फटने वाली जगह का तापमान 3,00,000°C और उसके नीचे जमीन का तापमान लगभग 4,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो स्टील को पिघलाने के लिए काफी होता है| इस हमले से 1005 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली थी और 10 वर्ग किलोमीटर में गहरे गढ्ढे बन गए थे और 500 मीटर तक 19 tons per square inch का प्रेशर create हुआ था| यह किसी भी विशाल बिल्डिंग को हवा में उड़ाने के लिए काफी था|

9. हिरोशिमा और नागासाकी पर बम गिराने से पहले अमेरिका ने जापान पर 49 बम अभ्यास के तौर पर गिराए थे. जिसमें 400 लोगो की मौत और 1200 लोग घायल हुए थे |

10. सुतोमो यामागुच्ची दोनो बम हमलों से पीड़ित व्यक्ति था| दरअसल हुआ ये कि जब हिरोशिमा पर बम गिरा तब वो यही था फिर वो अपने गाँव नागासाकी चला गया फिर वहाँ पर भी बम गिरा दिया गया,लेकिन ये इतना भाग्यशाली था कि दोनों बार बच गया”|इसकी मौत 2010 में पेट के कैंसर से हुई|11. हिरोशिमा बम हमले में एक दर्जन अमेरिकी भी मारे गए थे, ये बात अमेरिका को 1970 में पता चली|

12. हिरोशिमा पर हमले के बाद एक पुलिसवाला नागासाकी गया था और वहाँ की पुलिस को हमले के लिए सचेत कर दिया इसका रिजल्ट ये रहा, कि नागासाकी परमाणु हमला में एक भी पुलिस वाले की मौत नही हुई|

13. शिकेगी तनाका जो हिरोशिमा हमले के समय 13 साल का था, उसने विस्फोट को 20 मील दूर से देखा था| परमाणु हमले से बचा हुआ यह आदमी छः साल बाद 1951 में बोस्टन गया और वहाँ मैराथन जीतकर दिखाई|

14.नागासाकी और हिरोशिमा आज रेडियोएक्टिव फ्री है| क्योंकि दोनो परमाणु बम जमीन से कुछ सौ फीट की ऊंचाई पर हवा में फटे थे|

15. नागासाकी परमाणु हमले के छः दिन बाद जापान के राजा हिरोहित्तो ने अमेरिकी सेना के सामने आत्म समर्पण कर दिया| यह घोषणा रेडियों पर की गई थी और ज्यादातर जापानियों ने उसकी आवाज पहली बार सुनी थी| अगर जापान सरेंडर नही करता तो अमेरिका ने 19 अगस्‍त को एक और शहर पर परमाणु बम गिराने की योजना बनाई थी|

 

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