जानिए स्‍वप्‍नदोष से बचने के कुछ कुदरती उपाय , इन उपायों से आप को होंगे चमत्कारिक लाभ

हर युवा की यह एक बहुत ही आम समस्या है | यह समस्या एक निश्चित उम्र के बाद सभी पुरुष युवाओ को देखने को मिलती है | वैसे हम आपको बता दे यह कोई बीमारी नही है | हालांकि, अगर यह समस्या आपको नियमित रूप से है, तो आपको सतर्क होने की जरूरत है |इससे सेहत पर तो असर पड़ता ही है साथ ही मानसिक रूप से भी दबाव बेहद बढ़ जाता है। कई बार यह समस्या किशोरावस्था से निकल जाने के बाद भी होती है और अधिकतर पुरुषो को इसके बारे में उचित जानकारी नही होती है | वैसे तो इसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नही है मगर स्‍वप्‍नदोष से थकान, अंडकोष में दर्द, कमजोर स्‍खलन और शीघ्रपतन जैसी समस्‍यायें हो सकती हैं।

विशेषज्ञ अभी तक स्‍वप्‍नदोष के मुख्य कारणों को लेकर पुर्णतः आश्‍वस्‍त नहीं हैं लेकिन , हस्‍तमैथुन और कामुक विचारों को इसके लिए प्रमुख रूप से उत्‍तरदायी माना जाता है। कई लोगो को स्‍वप्‍नदोष से बचने के लिए हस्‍तमैथुन कम करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही कुछ घरेलू उपाय भी हैं, जिनसे इस समस्‍या को नियंत्रित किया जाता है। कुदरती उपायों से आपके शरीर पर कोई बुरा असर नहीं होता और इनका असर भी बहुत प्रभावी होता है।
महीने में दो या तीन बार स्‍वप्‍नदोष होना बिलकुल सामान्‍य है। परन्तु ,अगर यह समस्‍या ज्‍यादा बार होती है, तो कुछ परेशानी होने की आशंका है। शीघ्र पतन को भी स्‍वप्‍नदोष की समस्‍या से जुड़ा माना जाता है।

स्‍वप्‍नदोष से बचने के उपाय ~

Loading...

1.प्रतिदिन व्‍यायाम करने से भी शारीरिक ऊर्जा का पुर्णतः सही इस्‍तेमाल होता है और आप स्‍वप्‍नदोष से बच सकते हैं।
2.सेक्‍स के बारे में बिलकुल न सोचकर और हस्‍तमैथुन कम करके भी इस समस्‍या से बचा जा सकता है।
3.सही आहार भी लेना और विटामिन बी से भरपूर आहार लेने से भी आप इस समस्‍या को कम किया जा सकता है |
4.सुबह जल्दी उठने और अपने सोने और उठने का समय भी निर्धारित करें,यह बहुत ही प्रभावी तरीका है |
5.अपने मन को शांत राखे और अच्छी किताबें पढ़कर, संगीत सुनकर और दोस्‍तों से बातें कीजिये और स्‍वयं को व्‍यस्‍त रखकर इसे कम कर सकते है |
6.सोने से पहले अपने हाथ पैर मुंह धौकर आप इस से बच सकते है

स्‍वप्‍नदोष से बचने के कुछ कुदरती उपाय 

1.प्रतिदिन आंवले का मुरब्बा खायें और उसके ऊपर से गाजर का रस पिएं।
2.तुलसी की जड़ के कुछ टुकडो को पीसकर पानी के साथ पियें । इससे बहुत लाभ होगा।
3.तुलसी की जड़ नहीं मिले तो बीज 2 चम्मच शाम के समय लेंवे ।
4.काली तुलसी के पत्ते 10-12 रात में जल के साथ लेंवे ।
5.लहसुन की दो कली कुचल कर निगल जाएं फिर थोड़ी देर बाद गाजर का रस पिएं।
6.रात को एक लीटर पानी में त्रिफला चूर्ण डाल दें और सुबह मथकर महीन कपड़े से छानकर पीने से भी लाभ होता है।

YOU MAY LIKE
Loading...