गुलज़ार की बेहतरीन शायरियाँ ( शेर ) हिंदी में Gulzar Best Shayari ( Sher ) Collection in hindi

ये दिल भी दोस्त ज़मीं की तरह
हो जाता है डाँवा-डोल कभी

गुलज़ार
गुलज़ार

ये रोटियाँ हैं ये सिक्के हैं और दाएरे हैं
ये एक दूजे को दिन भर पकड़ते रहते हैं

ये शुक्र है कि मिरे पास तेरा ग़म तो रहा
वगर्ना ज़िंदगी भर को रुला दिया होता

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यूँ भी इक बार तो होता कि समुंदर बहता
कोई एहसास तो दरिया की अना का होता

हैप्पी बर्थ डे शायरी Happy BirthDay Shayari in Hindi

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा
क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा

आग में क्या क्या जला है शब भर
कितनी ख़ुश-रंग दिखाई दी है

आप के बा’द हर घड़ी हम ने
आप के साथ ही गुज़ारी है

Facts : दुनिया के ये 18 अजीबो-गरीब तथ्य जानकर हैरान हो जाएंगे आप

आप ने औरों से कहा सब कुछ
हम से भी कुछ कभी कहीं कहते

अपने माज़ी की जुस्तुजू में बहार
पीले पत्ते तलाश करती है

अपने साए से चौंक जाते हैं
उम्र गुज़री है इस क़दर तन्हा

चंद उम्मीदें निचोड़ी थीं तो आहें टपकीं
दिल को पिघलाएँ तो हो सकता है साँसें निकलें

राहत इन्दोरी की प्रसिद्ध शायरियों का संग्रह (Collection of Rahat Indori’s best Shayari in hindi)

चूल्हे नहीं जलाए कि बस्ती ही जल गई
कुछ रोज़ हो गए हैं अब उठता नहीं धुआँ

एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है
मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की

एक सन्नाटा दबे-पाँव गया हो जैसे
दिल से इक ख़ौफ़ सा गुज़रा है बिछड़ जाने का

गो बरसती नहीं सदा आँखें
अब्र तो बारा मास होता है

जब भी ये दिल उदास होता है
जाने कौन आस-पास होता है

काँच के पार तिरे हाथ नज़र आते हैं
काश ख़ुशबू की तरह रंग हिना का होता

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़
किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे

शायरी संग्रह : मजरूह सुल्तानपुरी शायरी (Best Collection of Majrooh Sultanpuri Shayari)

कल का हर वाक़िआ तुम्हारा था
आज की दास्ताँ हमारी है

ख़ामोशी का हासिल भी इक लम्बी सी ख़ामोशी थी
उन की बात सुनी भी हम ने अपनी बात सुनाई भी

ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
एक पुराना ख़त खोला अनजाने में

कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की

कोई ख़ामोश ज़ख़्म लगती है
ज़िंदगी एक नज़्म लगती है

उसी का ईमाँ बदल गया है
कभी जो मेरा ख़ुदा रहा था

प्रेरक शायरी Inspirational Shayari Hindi

ज़ख़्म कहते हैं दिल का गहना है
दर्द दिल का लिबास होता है

ज़िंदगी पर भी कोई ज़ोर नहीं
दिल ने हर चीज़ पराई दी है

भरे हैं रात के रेज़े कुछ ऐसे आँखों में
उजाला हो तो हम आँखें झपकते रहते हैं

देर से गूँजते हैं सन्नाटे
जैसे हम को पुकारता है कोई

दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई
जैसे एहसाँ उतारता है कोई

हाथ छूटें भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते
वक़्त की शाख़ से लम्हे नहीं तोड़ा करते

हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया

जिस की आँखों में कटी थीं सदियाँ
उस ने सदियों की जुदाई दी है

मैं चुप कराता हूँ हर शब उमडती बारिश को
मगर ये रोज़ गई बात छेड़ देती है

फिर वहीं लौट के जाना होगा
यार ने कैसी रिहाई दी है

राख को भी कुरेद कर देखो
अभी जलता हो कोई पल शायद

रात गुज़रते शायद थोड़ा वक़्त लगे
धूप उन्डेलो थोड़ी सी पैमाने में

रुके रुके से क़दम रुक के बार बार चले
क़रार दे के तिरे दर से बे-क़रार चले

सहमा सहमा डरा सा रहता है
जाने क्यूँ जी भरा सा रहता है

शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है

तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं
सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं

शुभ प्रभात गुड मोर्निंग शायरी Good Morning Shayari Hindi

वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर
आदत इस की भी आदमी सी है

वो एक दिन एक अजनबी को
मिरी कहानी सुना रहा था

वो उम्र कम कर रहा था मेरी
मैं साल अपने बढ़ा रहा था

यादों की बौछारों से जब पलकें भीगने लगती हैं
सोंधी सोंधी लगती है तब माज़ी की रुस्वाई भी

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