न्यूटन से 1500 साल पहले ही एक हिन्दुस्तानी ने गुरूत्वारकर्षण की खोज कर ली थी

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गुरूत्वाकर्षण की खोज किसने की? इस पर आप बिना झिझक के कहेंगे न्यूटन। लेकिन ये बात पूरी तरह से सच नहीं है क्योंकि 1500 साल पहले ही एक हिन्दुस्तानी ने गुरूत्वाकर्षण की खोज की थी।


देश के जाने-माने वैज्ञानिक एवं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख जी. माधवन नायर ने वेदों पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वेद के कुछ श्लोकों में चंद्रमा पर जल की मौजूदगी का जिक्र है और आर्यभट्ट जैसे खगोलविद् न्यूटन से भी कहीं पहले गुरुत्वाकर्षण बल के बारे में जानते थे।

नायर ने कई और ऐसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं, जिन्हें जान कर आप गौरवान्वित महसूस करेंगे।

नायर ने कहा, एक वेद के कुछ श्लोकों में कहा गया है कि चंद्रमा पर जल है, पर किसी ने इस पर भरोसा नहीं किया। लेकिन हमारे चंद्रयान मिशन के जरिये हम इसका पता लगा सके और यह पता लगाने वाला हमारा देश पहला है।

नायर के अनुसार, भारतीय वेदों और प्राचीन हस्तलेखों में भी धातुकर्म, बीजगणित, खगोल विज्ञान, गणित, वास्तुकला एवं ज्योतिष शास्त्र के बारे में सूचना थी और यह जानकारी उस वक्त से थी, जब पश्चिमी देशों को इनके बारे में पता तक नहीं था।

हमारे पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में न्यूटन को करीब 1500 साल बाद इसके बारे में पता चला। चंद्रयान के लिए भी आर्यभट्ट का समीकरण इस्तेमाल किया गया।

आर्यभट्ट और भास्कर ने ग्रहों एवं बाहरी ग्रहों के विषय पर गहन कार्य किया है। हड़प्पा सभ्यता के दौरान शहरों के निर्माण में गणना के लिए ज्यामिति का इस्तेमाल किया जाता था।



भारत को ऐसे ही विश्व गुरू नहीं कहा जाता है। हम ज्ञान-विज्ञान, रसायन, भौतिक और खगोल के क्षेत्र में विश्व में सबसे आगे थे। विश्व के कई देश आज भी हमारे वेदों और ग्रंथों को पढ़ते हैं। दुनिया को बेहतर बनाने के लिए यह सबसे बेहतर तथ्य है।


Title : Gravity discovered in India thousands of years ago before Newton
source : ancient

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