गणेश चतुर्थी 2018 : भगवान गजानंद की स्थापना के लिए जानिए, कब हैं सबसे शुभ मुहूर्त

गणेश चतुर्थी 2018, 13 अगस्त को है। भगवान गजानंद की स्थापना के लिए जानिए, कब हैं सबसे शुभ मुहूर्त –

गणेश पूजन 13 सितंबर, (गुरुवार) 2018,

मध्याह्न मुहूर्त : 11:02:34 से 13:31:28

अवधि : 2 घंटे 28 मिनट, मध्यान्हव्यापिनी चतुर्थी

उल्लेखनीय है कि गणेश चतुर्थी पर रविवार या मंगलवार हो तो यह महाचतुर्थी हो जाती है।

गणेश चतुर्थी 13 सितंबर 2018 को उदित होकर 14.52.20 तक रहेगी फिर पंचमी लगेगी, अत: गुरुवार को गणेश स्थापना दिवस मनाया जाएगा।

इसके बाद 23 सितंबर 2018, रविवार को अनंत चतुर्दशी है, इस दिन गणेश विसर्जन किया जाएगा।

गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त

सुबह : अमृत के चौघड़िया में : 6.04 से 7.41 तक

शुभ के चौघड़िया में : 9.18 से 10.55 तक

चल के चौघड़िया में : 14.09 चतुर्थी रहने तक 14.52.20 तक
12 सितंबर 2018, बुधवार के दिन चंद्रमा के दर्शन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इस दिन चतुर्थी तिथि 16.45 बजे से लगेगी व चंद्र उदय का समय सुबह 8.34.30 पर होकर चंद्रास्त 20.42.29 तक रहेगा।

13 सितंबर, गुरुवार को चंद्रोदय 9.32.34 को उदय होकर चंद्रास्त 21.23.35 तक रहेगा। इस दिन दोपहर को पंचमी 14.52.21 से लगेगी।

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गणपतिजी को दूर्वा अधिक प्रिय है। अतः सफेद या हरी दूर्वा चढ़ाना चाहिए। दूर्वा की फुनगी में तीन या पांच

पत्ती होनी चाहिए।

तुलसी को छोड़कर बाकी सब पत्र-पुष्प गणेशजी को प्रिय हैं। अतएव ध्यान रहे कि तुलसी के पत्ते (तुलसी पत्र)
गणेश पूजा में इस्तेमाल नहीं करें।

पद्मपुराण, आचार रत्न में लिखा है कि ‘न तुलस्या गणाधिपम्‌’ अर्थात तुलसी से गणेशजी की पूजा कभी न की
जाए। कार्तिक माहात्म्य में भी कहा गया है कि ‘गणेश तुलसी पत्र दुर्गा नैव तु दूर्वाया’ अर्थात गणेशजी की तुलसी पत्र और दुर्गाजी की दूब से पूजा न करें।

इसके अलावा गणेश पूजन में गणेशजी की एक ही परिक्रमा करने का विधान है। हालांकि कई विद्वान गणेशजी
की तीन परिक्रमा को भी उचित ठहराते हैं।