रसभरे फलों के बारें में मजेदार जानकारी

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खानपान की यात्रा सबसे मज़ेदार यात्रा होती है। जब भी हम किसी जगह की यात्रा पर जाते हैं, वहाँ के खास व्यंजनों का स्वाद लेना नहीं भूलते। इसी के साथ यात्रा में थोड़ा सा बदलाव करके, चलिए चलते हैं भारत के फलों के क्षेत्रों की यात्रा में, रसभरे फलों की मज़ा लेने।



फल हमारे स्वास्थ्य के लिए सबसे ज़्यादा लाभदायक होते हैं इसलिए ज़रूरी है कि हम अपने खाने पीने की आदतों में फलों को ज़रूर शामिल करें। बहुत सारे फल ऐसे होते हैं जो मौसम के अनुसार फलते हैं और जलवायु के अनुसार ही बढ़ते हैं। तो चलिए भारत में फलों के शहरों की यात्रा में।

1. रत्नागिरी: अल्फ़ांज़ो आम (Alphonso Mango)


अल्फ़ांज़ो आम रत्नागिरी की ख़ासियत हैं। यहाँ की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी में पैदा होने वाले आम का स्वाद सबसे अलग और बेमिसाल होता है जो बाज़ार में काफ़ी महँगा मिलता है। रत्नागिरी, मुंबई के तटीय रेखा में स्थित एक खूबसूरत शहर है। अल्फ़ांज़ो आम अपने लज़ीज़ स्वाद और मिठास के साथ फलों का राजा कहलाता है। अल्फ़ांज़ो आम को रत्नागिरी के मूल निवासी अपस आम कहते हैं।


2. महाबलेश्वर: स्ट्रॉबेरीज़ (Strawberries)


आप कह सकते हैं की स्ट्रॉबेरीज़, महाबलेश्वर हिल स्टेशन को अपने लाल रंग से रंग देती हैं। लाल स्ट्रॉबेरीज़ के खेत महाबलेश्वर में मुख्य आकर्षण के केंद्रों में से एक हैं। स्ट्रॉबेरीज़ के खेतों की सैर के बिना महाबलेश्वर की यात्रा अधूरी है। यहाँ के ज़्यादातर दुकानों में स्ट्रॉबेरी की ही चीज़ें आपको मिलेंगी। महाबलेश्वर और पंचगिनी में स्ट्रॉबेरी का त्यौहार भी मनाया जाता है।


3. नागपुर: संतरे (Oranges)


खट्टे-मीठे संतरे का स्वाद लोगों को पसंद आता है। नागपुर, जिसे भारत में संतरों का शहर भी कहा जाता है, सबसे ज़्यादा यहीं पर संतरों की पैदावार होती है। पेड़ों पे लटके गोल-गोल संतरों का नज़ारा बिल्कुल ही अलग और सुंदर होता है। संतरों के खेतों की सैर पर जाना काफ़ी मज़ेदार और दिलचस्प होगा। किसे यह रसभरा नींबू वाला फल पसंद नहीं होगा?


4. कोटागढ़: सेब (Apples)

खूबसूरत पहाड़ और सेब के बगीचे कोटागढ़ की मुख्य खूबसूरती हैं। पेड़ों में लदे सेबों के बाग का नज़ारा देखने से ही बड़ा लज़ीज़ और शानदार लगता है। हिमाचल प्रदेश में शिमला से लगभग 75 किलोमीटर दूर कोटागढ़ की ओर विचरण करिए, जो भारत का एप्पल बॉल(कटोरा) कहलाता है। कोटागढ़ के सेबों की देश से बाहर भी काफ़ी माँग है। अपने हिमाचल प्रदेश की यात्रा में सेबों की दुनिया कोटागढ़ की यात्रा करना बिल्कुल भी ना भूलें।

5. जलगाँव: केले (Bananas)

जलगाँव, केले की राजधानी की यात्रा आपकी मज़ेदार यात्राओं में से एक होगी। जलगाँव के किसानों ने टपक सिंचाई का इस्तेमाल कर केले की पैदावार में और बढ़ोतरी की है। वे इस तकनीक का इस्तेमाल करने में सफल भी रहे हैं और आज जलगाँव केले की पैदावार में सबसे आगे है। यहाँ पर केले के खेतों की यात्रा आपकी सबसे फायदेमंद यात्रा साबित होगी।

फलों को आजकल डेज़र्ट्स, जूस, जैम आदि में बदला जा रहा है ताकि इनका और भी कई तरीके से इस्तेमाल किया जा सके। हमें पूरा यकीन है कि आपकी फलों की यात्रा मज़ेदार और आपके लिए लाभदायक होगी।

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